राजस्थान के करौली जिले में मंदिर की जमीन पर कब्जा करने को लेकर हुए विवाद में पुजारी को पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने के मामले ने राजनीति तूल पकड़ लिया है। शनिवार को स्थानीय सांसद और भाजपा नेता मृतक के गांव पहुंचे। वे इस मामले में कांग्रेस सरकार की लापरवाही को लेकर नाराज हैं। इस बीच मृतक के परिजन भी लाश को लेकर धरने पर बैठ गए। बता दें कि इससे पहले केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने राहुल गांधी पर निशाना साधकर उनसे राजस्थान सरकार से इस्तीफा मांगने को कहा था। वहीं, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट करके घटना को दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताया। 

करौली, राजस्थान. जिले के सपोटरा इलाके में बूकना गांव में एक पुजारी को जिंदा जलाने की घटना से राजनीति गर्मा गई है। कुछ दबंग लोग गांव के पुराने राधाकृष्ण मंदिर की जमीन पर कब्जा करना चाहते थे। इस पर पुजारी बाबूलाल वैष्णव ने उन्हें रोका। विवाद के बीच आरोपियों ने पुजारी के ऊपर पेट्रोल उड़ेलकर आग लगा दी। थी। यह घटना बुधवार को सामने आई थी। पुजारी ने अस्पताल में इलाज के दौरान गुरुवार को दम तोड़ दिया। उसका जयपुर के SMS अस्पताल में इलाज चल रहा था। इससे पहले अपने बयान में घटना के बारे में विस्तार से बता गया था। शुक्रवार देर रात मृतक का शव गांव लाया गया, तो हंगामा हो गया।

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लाश लेकर धरने पर बैठे परिजन...

शनिवार को परिजन मृतक की लाश को लेकर धरने पर बैठ गए। वे 50 लाख रुपए का मुआवजा और किसी एक परिजन को सरकारी नौकरी देने की मांग पर अड़े थे। इस बीच स्थानीय सांसद किरोड़ीमल मीणा और पूर्व विधायक मानसिंह गांव पहुंचे। यहां उन्होंने सभी जातियों के पंच-सरपंचों से बैठक की। उन्होंने पुजारी को न्याय दिलाने तक आंदोलन की चेतावनी दी। मामला तूल पकड़ने पर पुलिस ने एक आरोपी कैलाश मीणा को गिरफ्तार कर लिया। बाकी फरार हैं।


पुलिस और प्रशासन की लापरवाही आई सामने...
इस मामले में पुलिस और प्रशासन की लापरवाही सामने आई है। बता दें कि मौत से पहले दिए बयान में बाबूलाल ने बताया था कि कैलाश मीणा अपने लोगों शंकर, नमो, किशन और रामलखन के साथ मंदिर के बाड़े पर कब्जा करके छप्पर लगा रहा था। इसका विरोध करने पर उसने पेट्रोल डालकर आग लगा दी। पुजारी बाबूलाल ने बताया था कि उसका परिवार मंदिर की 15 बीघा जमीन पर खेतीबाड़ी करके अपना गुजारा करता था। बाबूलाल वैष्णव बूकना गांव के पुराने राधाकृष्ण मंदिर के पुजारी थे। इस मंदिर के लिए गांववालों ने खेती दान की थी। यह राजस्व रिकार्ड में दर्ज है। पिछले एक महीने से आरोपी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे। इसकी शिकायत पंचायत में की गई थी। घटना के कुछ दिन पहले ही गांव में बैठक हुई थी और आरोपियों के समझाइश दी गई थी। लेकिन प्रशासन और पुलिस की निष्क्रियता से आरोपियों के हौसले बुलंद हो गए। मृतक के परिजन ललित ने इस मामले में पटवारी और पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी केस दर्ज करने की मांग की है।