राजस्थान के बाड़मेर जिले से शर्मनाक खबर सामने आई है। जहां पत्थर दिल माता-पिता ने अपनी नवजात बच्ची को मरने के लिए बिना कपड़ों के सड़क किनारे फेंक दिया। लेकिन मासूम गुलाबी ठंड में भी जी उठी। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है।

बाड़मेर. आधुनिक प्रदेश राजस्थान में एक बार फिर मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां रात के अंधेरे में परिजन एक नवजात को सड़क किनारे रखकर चले गए। कई घंटों तक बच्ची वही पड़ी रही। प्रदेश में फिलहाल पड़ रही गुलाबी ठंड के चलते बच्ची को ठिठुरन भी होने लगी पर विराम जिससे उसकी बॉडी का टेंपरेचर सामान्य से 6 डिग्री तक कम हो गया। पास से गुजर रहे लोगों ने बच्ची को देख इसकी सूचना पुलिस को दी। जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर नवजात बच्ची को अपने साथ लिया और उसे हॉस्पिटल लेकर आई। जहां फिलहाल नवजात बच्ची का इलाज जारी है।

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30 डिग्री टेंपरेचर में भी बिना कपड़ों के पड़ी रही मासूम
मामला राजस्थान के रेगिस्तानी इलाके बाड़मेर जिले के अरनियाली गांव से मेघवाल बस्ती की तरफ जाने वाले रास्ते का है। रोज की तरह आज भी वहां से कुछ लोग सुबह के समय गुजर रहे थे। इस दौरान उन्होंने सड़क किनारे पड़ी एक नवजात बच्ची को रोते हुए सुना। जिसके बाद उन्होंने बच्ची को देखकर पुलिस को इसकी सूचना दी पुलिस मौके पर पहुंची और अपने साथ नवजात बच्ची को धोरीमन्ना के सरकारी हॉस्पिटल लेकर गई। लेकिन वहां से बच्ची को बाड़मेर के जिला अस्पताल रेफर किया गया। जहां नवजात बच्ची का इलाज जारी है। बच्ची का इलाज कर रहे डॉक्टर का कहना है कि ठंड के चलते बॉडी का टेंपरेचर 36 डिग्री से 30 डिग्री हो गया था। फिलहाल बच्ची की हालत सही है। जिसका इलाज किया जा रहा है। अब तक की जांच में सामने आया है कि बच्ची का जन्म भी करीब 5 से 6 घंटे पहले ही हुआ था। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

पत्थर दिल माता-पिता नालियों में फेंककर चले जाते हैं अपनी संताने
राजस्थान में यह पहला मामला नहीं है जब कोई नवजात बच्ची सड़क किनारे मिली हो। इससे पहले भी कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं जब अपनी कोख में 9 महीने तक बच्चे को जन्म देने वाली मां उसे बाजरे के खेतों में या फिर नालियों में फेंक कर चली जाती है। बहुत ही कम मामले ऐसे होते हैं जिनमें पुलिस माता-पिता को ढूंढ पाती है।