कोटा के जेके लोन अस्पताल में 110 से अधिक बच्चों की मौत के विवाद के बीच उदयपुर मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू) में जन्म के समय कम वजन वाले बच्चे की जान बचाई है।

जयपुर. कोटा के जेके लोन अस्पताल में 110 से अधिक बच्चों की मौत के विवाद के बीच उदयपुर मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू) में जन्म के समय कम वजन वाले बच्चे की जान बचाई है।

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सरकारी अस्पताल में 75 दिनों तक रहने के बाद शिशु को स्वस्थ हालत में मंगलवार को अस्पताल से छुट्टी दी गई।

शिशु (बच्ची) का जन्म के समय वजन 670 ग्राम था और उसके बाद उदयपुर के अस्पताल में उपचार ओर देखभाग के बाद बच्ची का वजन में 1375 ग्राम की वृद्वि हुई और उसे मंगलवार को अस्पताल से छुट्टी दी गई।

अस्पताल की ओर से जारी एक बयान के अनुसार इतने लंबे समय तक सरकारी अस्पताल में किसी नवजात को भर्ती रखने का संभवत: यह पहला मामला है।

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)