राजस्थान में लगातार बढ़ रहे रेप के मामलों में प्रदेश सरकार को लोगों और विपक्ष द्वारा पहले भी कई बार घेरा गया। पर इस बार खुद सीएम अशोक गहलोत ने इन आरोपियों के खिलाफ बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा- मेरा बस चले तो रेप के दरिंदों और गैंगस्टर को बाल कटवा घुमा दूंगा।

जयपुर (jaipur). राजस्थान में लगातार बढ़ रेप के मामलों और आए दिन गैंगवार की घटनाओं को लेकर जहां लोगों और विपक्षी भारतीय जनता पार्टी में खासा आक्रोश है। वहीं अब 4 साल के कार्यकाल में पहली बार सीएम अशोक गहलोत ने भी रेप करने वाले दरिंदों और गैंगस्टर पर बड़ा बयान दिया है। सीएम ने इस पर कहा है कि मेरा बस चले तो रेपिस्ट और गैंगस्टर के बाल कटवा कर बाजार में उनकी परेड करवाऊं। शर्म आएगी तो बाकी लोग भी ऐसा करने से डरेंगे। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

उदयपुर में एक कार्यक्रम के दौरान कही ये बात
दरअसल मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कल देर शाम किसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उदयपुर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने उदयपुर में मीडिया से रूबरू होते हुए राजस्थान के अलवर में हुई गैंगवार की घटना पर यह बयान दिया था। सीएम अशोक गहलोत ने ऐसे गैंगस्टर पर सख्त कार्रवाई करने की बात कही है।

पेपर लीक मामले में दी सफाई
वही राजस्थान में लगातार हो रहे भर्ती पेपर एग्जाम पेपर लीक के मामले पर सीएम ने कहा है कि पेपर लीक होते हैं तो हम कार्रवाई करते हैं। जिस सेंटर से पर्चा आउट होता है। वहां की मान्यता रद्द की जाती है। यहां तक कि सरकारी कर्मचारियों को भी नहीं बख्शा जाता है उन्हें भी नौकरी से हटा दिया जाता है। वही सीएम ने केंद्र सरकार की अग्निवीर योजना का विरोध किया है। सीएम ने कहा कि इस योजना को लेकर संसद में कोई चर्चा ही नहीं हुई अचानक इसकी घोषणा कर दी गई। जब लोगों ने इसका विरोध किया तो यहां तक धमकी दे दी कि मुकदमा दायर करेंगे तो जिंदगी भर नौकरी नहीं कर पाएंगे।

राजस्थान में सबसे ज्यादा एग्जाम कराई-सीएम गहलोत
गहलोत ने कहा कि पेपर लीक दो यूपी गुजरात और बिहार में भी हुए लेकिन वहां तो कभी कोई अरेस्ट नही हुआ, लेकिन हम तो पूरे मामले की तह तक पहुंच जाते हैं। सीएम ने कहा कि हमने पिछली सरकार की बजाय ज्यादा एग्जाम करवाए हैं। एग्जाम करवाने पर ही तो पेपर आउट हुए हैं। सीएम अशोक गहलोत ने कल उदयपुर में तीन कार्यक्रमों में शिरकत की थी। इस दौरान उनके साथ पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा भी मौजूद थे। साथ ही अशोक चांदना भी थे।

कार्यक्रम के बीच जब स्थित गोविंद सिंह डोटासरा भाषण दे रहे थे तब श्रम बोर्ड के उपाध्यक्ष जगदीश राज श्रीमाली डोटासरा की सीट पर जाकर बैठ गए। ऐसे में डोटासरा ने भाषण रोककर श्रीमाली को खुद की सीट पर बैठने को कहा। दरअसल श्रीमाली सीएम के पास बैठना चाहते थे।