राजस्थान में बारिश कहर बनकर बरस रही है। जैसलमेर-जोधपुर और जयपुर में बारिश का दौर लगातार जारी है। तेज पानी गिरने से  कई हादसे होने लगे हैं। बीकानेर जिले में एक कच्चा मकान ढहने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई।  

बीकानेर. राजस्थान में मानसून पूरी तरह से मेहरबान हो चुका है। जोधपुर, जैसलमेर जैसे इलाकों में भी जहां इस बार तेज बारिश के चलते पहाड़ों से झरने बहने लगे हैं। वही अब यह बारिश लोगों के लिए आफत बन चुकी है। बीकानेर में आज लगातार हो रही बारिश के चलते कच्चा मकान ढहने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। यह हादसा देर रात उस समय हुआ जब पति पत्नी और उनका बेटा अपने मकान में सो रहे थे। कुछ घंटों की नींद ने उन्हें हमेशा के लिए सुला दिया।

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नींद में खत्म हो गया पूरा परिवार
दरअसल .यह हादसा बीकानेर के दंतोर इलाके में हुआ। जहां 17KHM के चक 25 बीएलडी गांव में महावीर कुमार, महावीर की पत्नी सावित्री और उनका बेटा योगेश अपने कच्चे मकान में सो रहे थे। जिसके बाद पड़ोस के लोगों ने आज सुबह देखा तो मकान गिरा हुआ था। जिसके बाद उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। 

मलबा हटाकर निकाला तो मिट्टी से सनी थीं लाशें
सूचना पर खाजूवाला पुलिस मौके पर पहुंची। साथ ही सिविल डिफेंस की टीम को भी बुलाया गया। जिन्होंने एक करीब 2 घंटे की मशक्कत के बाद कच्चे मकान का मलबा हटाकर तीनों के शव को बाहर निकाला। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए हॉस्पिटल ले जाया गया है। जहां से शव परिजनों को सौंपा जाएगा।

कुछ दिन पहले भी बीकानेर में हुआ था ऐसा हादसा
बीकानेर में कच्चा मकान ढहने की यह पहली घटना नहीं है। करीब 15 से 20 दिन पहले भी बीकानेर में ऐसा ही एक हादसा हुआ था। जिसमें एक युवक की मौत हो गई थी। दरअसल बीकानेर समेत कई जिलों में खेती का काम करने वाले लोगों के खेतों में ही कच्चा मकान बनाकर रहते हैं। बारिश के मौसम में या तो यह मकान क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। या फिर ढह जाते हैं।

प्रदेश के रेगिस्तानी इलाके में आज भी तेज बारिश का दौर जारी
वही आज भी प्रदेश के रेगिस्तानी इलाके जैसलमेर जोधपुर और बीकानेर में बारिश का दौर लगातार जारी है। तीनों जिलों के अधिकतर इलाकों में बीती रात से ही रुक-रुक कर तेज बारिश हो रही है। जिसके चलते कई इलाकों में जलभराव हो चुका है। जोधपुर में तो हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि लोगों को विस्थापित किया जा रहा है। तो कई लोग 24 घंटे से अपने घरों से बाहर ही नहीं निकले हैं।


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