राजस्थान सरकार की घरेलू सोलर से बिजली लेने के लिए जारी की गई 3 रुपए 14 पैसे प्रति यूनिट की रेट में कमी करने का निर्णय लिया है। जिसके बाद से मोटी रकम लगाकर अपने घरों में सोलर प्लांट लगवाने वालों को तगड़ा झटका लगा है। नई रेट 15 सितंबर से लागू होगी।

जयपुर. बिजली की लगातार बढ़ रही दरों से बचने के लिए एक साथ मोटा पैसा लगाकर घरों की छतों पर सोलर पैनल लगवा रहे घरेलू उपभोक्ताओं को राजस्थान सरकार ने बड़ा झटका मारा है। जोर का यह झटका घरेलू उपभोक्ताओं के लिए परेशानी बनता जा रहा है। लोगों का कहना है कि सरकार उनसे वही पैसा लेना चाहता है जो वे लोग बचाने की कोशिश कर रहे हैं। सरकार के इस फैसले के बाद अब राजस्थान में वे लोग भी सोलर पैनल लगवाने से पहले कई बार सोच रहे हैं जिन्होनें पैनल का ऑर्डर दे दिया है। सरकार का यह नया झटका 15 सितंबर से लागू किया जा रहा है। 

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दामों में सरकार ने कर दी तगड़ी कटौती 
दरअसल राजस्थान इलेक्ट्रिसिटी रेग्युलेटरी कमीशन ने बिजली डिस्कॉम्स को रिन्यूएबल बिजली बेचने वाले घरेलू उपभोक्ताओं की बिजली बेचने की दरें काफी हद तक कम कर दी हैं। सोलर समेत रिन्यूएबल एनर्जी प्रोडक्शन करने वाले उपभोक्ताओं को डिस्कॉम ग्रिड में एक्सपोर्ट कर बेची जाने वाली एक्स्ट्रा बिजली के बदले अब 3 रुपए 14 रुपए प्रति यूनिट की जगह 2 रुपए प्रति यूनिट का ही भुगतान अब से करने की तैयारी कर ली गई है। यानि उपभोक्ताओं को करीब चालीस फीसदी तक का नुकसान उठाना पडेगा। 

15 सितंबर से लागू होगा नया नियम
राजस्थान डिस्कॉम के अध्यक्ष भास्कर ए. सावंत ने बताया कि राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग द्वारा जारी रेगुलेशन. के तहत घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं की तरफ से बेची जानी वाली बिजली की मात्रा को लेकर नए नियम निकाले गए हैं। इसकी गणना करने का तरीका भी उपभोक्ताओं को बताया जा रहा है। आयात और निर्यात की पूरी कल्क्यूलेशन लगाने के बाद यह निर्णय लिया गया है कि अब सरकार भुगतार कम करेगी। अफसरों ने बताया कि यह नया फार्मूला 15 सितंबर से लागू कर दिया जाएगा। 

गौरतलब है कि सरकार ने तीन रुपए चौदह पैसे की की रेट से बिजली खरीदने की स्कीम मार्च 2019 में लागू की थी। उसके बाद से लगातार प्रदेश में घरेलू स्तर पर सोलर पैनल लगाने का काम तेज हो गया। कोरोना काल के बाद तो सोलर पैनल लगाने वाली कई फैक्ट्रियां रातों रात करोड़पति हो गई। जयपुर समेत प्रदेश भर में हजारों घरों में सोलर पैनल घरेलू स्तर पर लगे हुए हैं। हजारों का काम रनिंग में चल रहा है। राजस्थान में करीब डेढ करोड़ लोगों ने बिजली मीटर लगा रखे हैं।

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