राजस्थान के जयपुर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां एक और बड़े जैन संत ने त्यागी देह। वे सम्मेद शिखर तीर्थस्थल को टूरिस्ट प्लेस घोषित नहीं करने की मांग को लेकर अन्न जल त्याग हुए थे। इस खबर के बाद जैन समाज में दुख की लहर।

जयपुर (jaipur). झारखंड राज्य में स्थित जैन समाज के तीर्थ सम्मेद शिखर को टूरिस्ट प्लेस घोषित नहीं करने की मांग कर रहे प्रदेश और देश के जैन समाज की जीत तो होती नजर आ रही है, लेकिन इस बीच राजस्थान के जैन समाज ने एक और बड़े मुनि को खो दिया। इन जैन मुनि ने भी सरकार के विरोध में अन्न जल त्याग दिया था। इसी कारण देर रात वे समाधिरत हो गए। देर रात एक बजे उन्होनें देह त्याग दी। जैन समाज ने उनकी डोल यात्रा निकाली है। दो दिन पहले भी जयपुर में ही एक जैन मुनि ने दस दिन तक अन्न जल त्याग देने के बाद देह त्याग दी थी। उनके समाधिरत होने के बाद ये मामला और ज्यादा बढ़ गया था। वे जैन मुनि सुनील सागर महाराज थे। 

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सुनील सागर महाराज के ही समर्थक थे जैन मुनि समर्थ सागर महाराज
जैन समाज ने बताया कि जयपुर के सांगानेर इलाके में स्थित सांघी जी जैन मंदिर में कई बड़े जैन मुनि इन दिनों प्रवास पर चल रहे हैं। इन्ही संतों में जैन मुनि सुनील सागर महाराज थे और अब उनके ही समर्थक जैन मुनि समर्थ सागर महाराज ने भी देह त्याग दी। उन्होनें तीर्थ के लिए तीन से चार दिन पहले अन्न जल त्याग कर दिया था। देर रात उनके कक्ष में उन्होनें देह त्याग दी। जैन समाज ने आज उनकी डोल यात्रा निकाली।

जैन समाज ने की गुजारिश- ना बनाए टूरिस्ट स्पॉट
जैन समाज का कहना है कि सरकारें इसे तीर्थ ही रहनें दे, इसे टूरिस्ट स्पॉट ना बनावें। देश भर के करोड़ों जैन परिवारों की भावना इससे जुड़ी हुई है। उधर सरकार ने इसे तीर्थ ही रखने पर विचार शुरु कर दिया है। राजस्थान के जैन समाज के साथ ही गुजरात , मुंबई समेत अन्य राज्यों के जैन समाज भी इसका लगातार विरोध कर रहे हैं। इस तीर्थ को लेकर राजस्थान के दो जैन मुनि तीन दिन के भीतर देह त्याग कर चुके हैं।

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