यह हादसा कोटा जिले के मोड़क में सोमवार को हुआ, जब दो ट्रक आपस में टकरा गए। इस हादसे में इस ट्रक का केबिन चकनाचूर हो गया। लिहाजा ड्राइवर बाहर नहीं निकल सका। वो फंसकर रह गया। केबिन में दर्द से तड़पता ड्राइवर मदद के लिए चिल्लाता रहा, लेकिन दूसरे ट्रक का ड्राइवर और खलासी मदद के बजाय वहां से भाग निकले।


कोटा, राजस्थान. यह हादसा अमानवीयता का उदाहरण है। देश में हर साल सैकड़ों हादसे होते हैं। इनमें कई घायलों की मौत इसलिए हो जाती है, क्योंकि लोग उनकी मदद नहीं करते। समय पर अस्पताल नहीं पहुंचने पर उन्हें मौत के आगे घुटने टेक देने पड़ते हैं। यह हादसा सोमवार को कोटा जिले के मोड़क में हुआ। दो ट्रकों की टक्कर में एक ट्रक का केबिन चकनाचूर हो गया। इसमें ट्रक ड्राइवर फंस गया। केबिन में दर्द से तड़पता ड्राइवर मदद के लिए चिल्लाता रहा, लेकिन दूसरे ट्रक का ड्राइवर और खलासी मदद के बजाय वहां से भाग निकले।

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परिचालक गंभीर रूप से घायल...
इस हादसे में इसी ट्रक का परिचालक घायल हुआ है। उसे पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया है। पुलिस के अनुसार हादसा सहरावद गांव के पास हुआ। इसमें ट्रक ड्राइवर 22 वर्षीय पप्पू की केबिन में फंसे रहने के बाद मौत हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने केबिन कटवाकर घायल ट्रक ड्राइवर को अस्पताल पहुंचाया था, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। घटना के बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया।