राजस्थान सरकार किसानों को 50% से बढ़ाकर 75% अनुदान देने की तैयारी कर रही है। लेकिन उसके लिए कुछ नियम और शर्ते होंगी

जयपुर(Rajasthan). राजस्थान के लाखों किसानों के लिए नया साल खुशखबरी लेकर आ रहा है। राजस्थान सरकार किसानों को 50% से बढ़ाकर 75% अनुदान देने की तैयारी कर रही है। लेकिन उसके लिए कुछ नियम और शर्ते होंगी इन नियम और शर्तों को पूरा करने के बाद सरकार 75% तक अनुदान देगी। किसानों को इस योजना का लाभ पाने के लिए आवेदन करना होगा।

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गौरतलब है कि राजस्थान सरकार किसानों को बड़ी सौगात देने जा रही है। किसानों का अनुदान सरकार 25 फीसदी और बढाने जा रही है। इस योजना का लाभ पाने के लिए किसानों को अपने खेतों में एक बगीचा विकसित करना होगा और उस बगीचे में फलदार पेड़ पौधे लगाने होंगे । इसके लिए सरकार की तरफ से पैसा दिया जाएगा और समय-समय पर इस पैसे के साथ ही सरकार के अधिकारी बगीचों का निरीक्षण कर आवश्यक सुझाव देंगे। यह सब कुछ जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान सरकार की ओर से किया जा रहा है।

इस तरह से कर सकते हैं आवेदन

दरअसल राजस्थान उद्यानिकी मिशन के तहत प्रदेश भर में 15000 हेक्टेयर से ज्यादा भूमि को उद्यानों के लिए काम में लेने की तैयारी की जा रही है । सरकार ने इसके लिए किसानों को चुना है। किसानों को पहले उद्यान लगाने के लिए करीब 50% तक अनुदान दिया जाता था जिसे नए साल से बढ़ा दिया गया है । कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जैविक खेती और उद्यानिकी खेती दोनों को बढ़ाने के लिए यह सरकार प्रयास कर रही है । इसमें फलों के पेड़ पौधे लगाने पर अनुदान देने के साथ ही समय-समय पर देख रेख कि टिप्स भी दिए जाएंगे । ताकि जैविक खेती और उद्यानिकी खेती को बढ़ावा मिल सके।

Sc-St किसानों को मिलेगी विशेष छूट
उल्लेखनीय है कि राजस्थान समेत देशभर में रसायन की खेती ही की जा रही है। इससे शारीरिक समस्याएं बहुत तेजी से बढ़ी है। इन्हीं चीजों को काबू करने के लिए राजस्थान सरकार ने यह नया कदम उठाया है। सरकार का कहना है कि किसान अपने खेतों में आधा बीघा से लेकर 4 बीघा तक उद्यान विकसित कर सकते हैं। यह खेत की क्षमता के ऊपर निर्भर करता है । sc-st और अन्य लोगों को यह अनुदान सवा बीघा से लेकर 2 बीघा तक उद्यान विकसित करने पर दिया जाएगा।

फलों की खेती को बढ़ावा देना भी होगा एक लक्ष्य
राजस्थान में फलों की खेती अन्य राज्यों की तुलना में कम होती है । अधिकतर फल अन्य राज्यों से ही आयात किए जाते हैं। सरकार की तैयारी है कि आने वाले समय में बहुत से फलों का उत्पादन राजस्थान में ही हो ,ताकि लोगों को अच्छे फल खाने के लिए मिल सके एवं यहां के किसानों को भी फायदा हो । कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि किसान नजदीकी किसान केंद्र से जाकर इस योजना के बारे में जांच-पड़ताल कर सकते हैं । यह योजना फायदा पहुंचाने वाली है । पहले 50% से बढ़ाकर 75% अनुदान देने के साथ ही जरूरत पड़ी तो आगे इस अनुदान को और बढ़ाया जा सकता है।