कोरोना वायरस (Coronavirus) महामारी के चलते देशभर के तमाम स्कूल और कॉलेज (School and college) लंबे समय से बंद हैं। लेकिन कोरोना के बीच राजस्थान सरकार ने राज्य के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल को 21 सितंबर से खोलने का फैसला किया है। 

जयपुर, कोरोना वायरस (Coronavirus) महामारी के चलते देशभर के तमाम स्कूल और कॉलेज (School and college) लंबे समय से बंद हैं। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन क्लासेस के जरिए छात्रों को पढ़ाया जा रहा है। लेकिन राजस्थान सरकार ने राज्य के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल को 21 सितंबर से खोलने का फैसला किया है। हालांकि कक्षाएं नहीं लगेंगी।

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इस क्लास के बच्चे आ सकते हैं स्कूल
इस गाइडलाइन में कहा गया है कि राज्य के सभी स्कूल 21 सितंबर से 50 फीसदी टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ स्कूल वर्किंग के लिए बुला सकते हैं। लेकिन छात्रों को नहीं बुलाया जाएगा। वहीं 9वीं से 12वीं तक के छात्र अपने माता-पिता से अनिमति लेने के बाद एक या दो घंटे के लिए स्कूल आ सकते हैं। 21 सितंबर से स्कूल-कॉलेज आने वाले सभी टीचर को स्वास्थ्य विभाग की स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) का सख्ती से पालन करना होगा। जिससे की किसी में भी कोविड संक्रमण नहीं फैले।

प्रदेश के शिक्षा मंत्री ने केंद्र की बात का दिया हवाला
राजस्थान के शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा पहले ही कह चुके हैं कि केंद्र की गाइडलाइन में स्कूलों में क्लास लगाने के आदेश नहीं है। लिहाजा ये स्टूडेंट्स टीचर्स के गाइडेंस लेने के लिए स्कूल जा सकते हैं। बच्चों के स्कूल आने से पहले अभिभावकों से अनुमति लेना अनिवार्य है।

शिक्षकों और छात्रों के बीच रहेगी 6 फीट की दूरी
राज्स सरकार ने कोरोना से बचने के सभी निर्देशों का सख्त पालन करने के लिए कहा है। इसमें टीचर के अलावा स्टूडेंट भी 6 फीट की दूरी के साथ बैठेंगे। साथ ही एंट्री गेट पर ही थर्मल स्कैनिंग, सैनिटाइजेशन और हाथ धोने के लिए साबुन भी रखना अनिवार्य है। इसके अलावा स्कूलों में प्रार्थना सभा और अन्य खेलकूद गतिविधियों पर रोक रहेगी।