Aaj Ka Panchang: 15 अक्टूबर, शनिवार को मृगशिरा नक्षत्र होने से वज्र नाम का अशुभ योग पूरे दिन रहेगा। इसके अलावा वरियान और परिध नाम के 2 अन्य योग भी इस दिन रहेंगे। इस दिन राहुकाल सुबह 09:19 से 10:46 तक रहेगा। 

उज्जैन. प्राचीन समय में पंचांग की उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए इसे हर घर में रखना जरूरी माना जाता था क्योंकि उस समय हर काम शुभ मुहूर्त देखकर करने की परंपरा थी। पंचांग मुख्य रूप से 5 अंगों से मिलकर बनता है। इसीलिए इसे पंचांग कहते हैं- ये हैं करण, तिथि, नक्षत्र, वार और योग। आगे पंचांग से जानिए आज कौन-कौन से शुभ योग बनेंगे, कौन-सा ग्रह किस राशि में रहेगा और राहु काल व अभिजीत मुहूर्त का समय…

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15 अक्टूबर का पंचांग (Aaj Ka Panchang 15 October 2022)
15 अक्टूबर 2022, दिन शनिवार को कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि पूरे दिन रहेगी। इस दिन मार्गशीर्ष नक्षत्र पूरे दिन रहेगा। शनिवार को मृगशिरा नक्षत्र होने से वज्र नाम का अशुभ योग पूरे दिन रहेगा। इसके अलावा वरियान और परिध नाम के 2 अन्य योग भी इस दिन रहेंगे। इस दिन राहुकाल सुबह 09:19 से 10:46 तक रहेगा। 

ग्रहों की स्थिति कुछ इस प्रकार रहेगी...
शनिवार को चंद्रमा वृषभ राशि से निकलकर मिथुन में प्रवेश करेगा। इस दिन सूर्य, बुध और शुक्र कन्या राशि में, मंगल वृष राशि में, शनि मकर राशि में (वक्री), राहु मेष राशि में, गुरु मीन राशि में (वक्री) और केतु तुला राशि में रहेंगे। शनिवार को पूर्व दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। पूर्व दिशा में यात्रा करना पड़े तो अदरक, उड़द या तिल खाकर घर से निकलें।

15 अक्टूबर के पंचांग से जुड़ी अन्य खास बातें
विक्रम संवत- 2079
मास पूर्णिमांत- कार्तिक
पक्ष- कृष्ण
दिन- शनिवार
ऋतु- शरद
नक्षत्र- मृगशिरा
करण- गर और वणिज
सूर्योदय - 6:27 AM
सूर्यास्त - 5:57 PM
चन्द्रोदय - Oct 15 10:00 PM
चन्द्रास्त - Oct 16 12:11 PM
अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 11:49 से 12:35 तक

15 अक्टूबर का अशुभ समय (इस दौरान कोई भी शुभ काम न करें)
यम गण्ड - 1:38 PM – 3:05 PM
कुलिक - 6:27 AM – 7:53 AM
दुर्मुहूर्त - 07:59 AM – 08:45 AM
वर्ज्यम् - 08:46 AM – 10:34 AM

न्यायाधीश हैं शनिदेव
आज शनिवार है। इस वार के स्वामी स्वयं शनिदव है। ज्योतिष शास्त्र में शनिदेव को न्यायाधीश कहा गया है यानी मनुष्यों को उनके अच्छे-बुरे कर्मों का फल शनिदेव ही प्रदान करते हैं। शनिदेव को सूर्यदेव का पुत्र एवं कर्मफल दाता माना जाता है। लेकिन साथ ही पितृ शत्रु भी, शनि ग्रह के सम्बन्ध मे अनेक भ्रान्तियाँ और इस लिये उसे मारक, अशुभ और दुख कारक माना जाता है। पाश्चात्य ज्योतिषी भी उसे दुख देने वाला मानते हैं।


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