Akshaya Tritiya 2026: ज्योतिष शास्त्र में 4 अबुझ मुहूर्त बताए गए हैं, इनमें से अक्षय तृतीया भी एक है। इस दिन बिना मुहूर्त देखे कोई भी शुभ कार्य जैसे विवाह, गृह प्रवेश आदि किया जा सकता है। इस बार अक्षय तृतीया का पर्व अप्रैल 2026 में है। 

Akshaya Tritiya Kis Tarikh Ko Hai: वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया कहते हैं। ये तिथि ज्योतिष और धार्मिक दोनों ही दृष्टि से बहुत खास है। ज्योतिष शास्त्र में इसे अबुझ मुहूर्त माना गया है यानी इस दिन कोई भी मांगलिक कार्य बिना मुहूर्त से करने पर भी उसका शुभ फल ही मिलता है। वहीं धर्म ग्रंथों में इसे बहुत ही पवित्र तिथि माना गया है। इस बार अक्षय तृतीया का पर्व अप्रैल 2026 में मनाया जाएगा। जानें अक्षय तृतीया 2026 की सही डेट क्या है…

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19 या 29 अप्रैल, कब है आखा तीज?

पंचांग के अनुसार, वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 19 अप्रैल, रविवार की दोपहर 10 बजकर 49 मिनिट से शुरू होगी, जो 20 अप्रैल, सोमवार की सुबह 07 बजकर 27 मिनिट तक रहेगी। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रवीण द्विवेदी के अनुसार अक्षय तृतीया पर दिन में दान, पूजा आदि करने का महत्व है, इसलिए ये पर्व 19 अप्रैल, रविवार को मनाया जाएगा।

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क्यों खास है अक्षय तृतीया?

अक्षय तृतीया को ज्योतिष में अबूझ मुहूर्त कहा गया है यानी इस दिन किसी का भी विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश बिना मुहूर्त देखे किया जा सकता है। ग्रंथों में भी इसका महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अक्षय तृतीया से ही सतयुग, त्रेतायुग और द्वापर युग की शुरुआत हुई थी। ऐसा भी कहा जाता है कि इस तिथि पर भगवान परशुराम का जन्म भी हुआ था।

इस दिन सोना खरीदना क्यों शुभ?

अक्षय तृतीया पर सोना खरीदने की भी परंपरा है। मान्यता है कि इस दिन खरीदा गया सोना लंबे समय तक उपयोग में रहता है और इससे घर में सुख-समृद्धि भी बनी रहती है। इससे जुड़ी एक कथा भी है उसके अनुसार अक्षय तृतीया के दिन ही आद्य गुरु शंकराचार्य ने कनकधारा स्त्रोत की रचना कर सोने की बारिश करवाई थी। तभी से इस दिन सोने खरीदने को शुभ माना जाने लगा।



Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।