Parivartini Ekadashi Katha: इस साल परिवर्तिनी एकादशी का व्रत 22 सितंबर, मंगलवार को किया जाएगा। इसे डोल ग्यारस और जलझूलनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। धर्म ग्रंथों में इस एकादशी का विशेष महत्व माना गया है।

Dol Gyaras Ki Katha: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, साल में कुल 24 एकादशी आती हैं। इनमें से भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी को परिवर्तिनी एकादशी कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने के साथ उनकी कथा सुनने से व्रत का पुण्य फल प्राप्त होता है। परिवर्तिनी एकादशी से जुड़ी एक खास कथा भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को सुनाई थी। आगे पढ़ें परिवर्तिनी एकादशी की ये रोचक कथा…

परिवर्तिनी एकादशी व्रत की कथा

त्रेतायुग में बलि नाम का एक शक्तिशाली असुर राजा था। वह बहुत बड़ा दानवीर था और ब्राह्मणों का सम्मान एवं सेवा करता था। देवताओं के राजा इंद्र का पद प्राप्त करने की इच्छा से राजा बलि ने एक बड़े यज्ञ का आयोजन किया।

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राजा बलि के इस यज्ञ और उसके बढ़ते प्रभाव से चिंतित होकर देवराज इंद्र भगवान विष्णु के पास पहुंचे। इसके बाद भगवान विष्णु ने वामन अवतार धारण किया और राजा बलि के यज्ञ स्थल पर पहुंचे।

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वामन देव ने राजा बलि से दान में केवल तीन पग भूमि मांगी। राजा बलि ने उनकी मांग स्वीकार कर ली और तीन पग भूमि देने का वचन दे दिया।
वचन मिलते ही वामन देव ने अपना विराट रूप धारण कर लिया। उन्होंने पहले ही कदम में पृथ्वी और दूसरे कदम में समस्त आकाश को नाप लिया। इसके बाद वामन देव ने राजा बलि से पूछा कि अब तीसरा कदम कहां रखा जाए।
राजा बलि ने अपना वचन निभाते हुए कहा कि तीसरा कदम उनके सिर पर रखा जाए। वामन देव ने बलि के सिर पर अपना पैर रखा और वह पाताल लोक पहुंच गए। राजा बलि की दानशीलता और वचन निभाने की भावना से भगवान विष्णु प्रसन्न हुए।
इसके बाद भगवान विष्णु ने राजा बलि को वरदान दिया कि वे पाताल लोक में भी उनके साथ रहेंगे। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी प्रसंग से परिवर्तिनी एकादशी का संबंध राजा बलि और भगवान विष्णु के वामन रूप से माना जाता है।
मान्यता है कि परिवर्तिनी एकादशी का व्रत करने और ये कथा सुनने से और भगवान विष्णु अपने भक्तों पर प्रसन्न होते हैं और उनकी हर कामना पूरी करते हैं।


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इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।