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Sakat Chauth Bhajan Lyrics: सकट चौथ पर सुने ये 5 भजन, खो जाएं गणेशा की भक्ति में
Sakat Chauth Bhajan Lyrics: इस बार सकट चतुर्थी का पर्व 6 जनवरी, मंगलवार को मनाया जा रहा है। इस पर्व में भगवान श्रीगणेश की पूजा मुख्य रूप से की जाती है। इस दिन श्रीगणेश के भजन सुनकर आप भी बाप्पा की भक्ति में खो जाएं।

सकट चौथ पर सुनें भगवान श्रीगणेश के सुपरहिट भजन
Sakat Chauth Bhajan Lyrics In Hindi: हर साल माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को सकट चौथ का पर्व मनाया जाता है। इस बार ये पर्व 6 जनवरी, मंगलवार को है। इस दिन भगवान श्रीगणेश की पूजा विशेष रूप से की जाती है। मान्यता है कि ऐसा करने से जीवन में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है। इस दिन अगर भगवान श्रीगणेश के भजन गाएं या सुने जाएं तो और भी शुभ रहता है। आगे पढ़िए ऐसे ही 5 लोकप्रिय भजनों के लिरिक्स…
घर में पधारो गजाननजी भजन लिरिक्स हिंदी में
घर में पधारो गजाननजी, मेरे घर में पधारो
रिद्धि सिद्धि लेके आओ गणराजा, मेरे घर में पधारो ।
राम जी आना, लक्ष्मण जी आना
संग में लाना सीता मैया, मेरे घर में पधारो ॥
ब्रम्हा जी आना, विष्णु जी आना
भोले शशंकर जी को ले आना, मेरे घर में पधारो ॥
लक्ष्मी जी आना, गौरी जी आना
सरस्वती मैया को ले आना, मेरे घर में पधारो ॥
विघन को हारना, मंगल करना,
कारज शुभ कर जाना, मेरे घर में पधारो ॥
जय हो गणेश भजन लिरिक्स हिंदी में
तेरी जय हो गणेश तेरी जय हो गणेश,
तेरी जय हो गणेश तेरी जय हो गणेश ।
प्रथमे गौरा जी को वंदना,
द्वितीये आदि गणेश,
त्रितिये सुमीरु शारदा,
मेरे कारज करो हमेश ।
तेरी जय हो गणेश तेरी जय हो गणेश,
तेरी जय हो गणेश तेरी जय हो गणेश ।
किस जननी ने तुझे जनम दियो है,
किस जननी ने तुझे जनम दियो है,
किसने दियो उपदेश,
तेरी जय हो गणेश तेरी जय हो गणेश ।
माता गौरा ने तेनू जनम दियो है,
माता गौरा ने तेनू जनम दियो है,
शिव ने दियो उपदेश,
तेरी जय हो गणेश तेरी जय हो गणेश ।
कारज पूरण कदहि होवे,
कारज पूरण कदहि होवे,
गणपति पूजो जी हमेश,
तेरी जय हो गणेश तेरी जय हो गणेश ।
तेरी जय हो गणेश तेरी जय हो गणेश,
तेरी जय हो गणेश तेरी जय हो गणेश ।
गजानन गणेशा हैं गौरा के लाला भजन लिरिक्स हिंदी में
गजानन गणेशा हैं गौरा के लाला,
दयावन्त इकदन्त स्वामी कृपाला ||
गजानन गणेशा हैं गौरा के लाला,
दयावन्त इकदन्त स्वामी कृपाला ||
है सबसे जुदा और सबसे ही न्यारी,
है शंकर के सूत तेरी मूषक सवारी ||
होती देवों में प्रथम तेरी पूजा,
नहीं देव कोई है तुमसे निराला ||
गजानन गणेशा हैं गौरा के लाला,
दयावन्त इकदन्त स्वामी कृपाला ||
गजानन गणेशा हैं गौरा के लाला,
दयावन्त इकदन्त स्वामी कृपाला ||
जो है बाँझ संतान उनको मिली है,
जो है सुने आँगन वहां कलियाँ खिली है ||
कोढ़ी तुम देते कंचन सी काया,
भूखे को देते हो तुम ही निवाला ||
गजानन गणेशा हैं गौरा के लाला,
दयावन्त इकदन्त स्वामी कृपाला ||
गजानन गणेशा हैं गौरा के लाला,
दयावन्त इकदन्त स्वामी कृपाला ||
रिद्धि और सिद्धि हो तुम देने वाले,
ये तन मन ये जीवन है तेरे हवाले ||
अविनाश गाए और छूटे ना सरगम,
बना दे ‘बिसरया’ तू गीतों की माला ||
गजानन गणेशा हैं गौरा के लाला,
दयावन्त एकदन्त स्वामी कृपाला ||
गजानन गणेशा हैं गौरा के लाला,
दयावन्त इकदन्त स्वामी कृपाला ||
गजानन गणेशा हैं गौरा के लाला,
दयावन्त इकदन्त स्वामी कृपाला ||
पहले ध्यान श्री गणेश का भजन लिरिक्स हिंदी में
पहले ध्यान श्री गणेश का,
मोदक भोग लगाओ |
भक्ति मन से करलो भगतो,
गणपति के गुण गाओ ||
पहले ध्यान श्री गणेश का…
द्वार द्वार घर आसान सब पर,
शुभ प्रभु की है प्रतिमा |
देवो में जो देव पूज्ये है,
गणपति की है गरिमा ||
मंगल अति सुमंगल है जो,
मंगल अति सुमंगल है जो |
उनको नयन बसाओ,
पहले ध्यान श्री गणेश का ||
आरती स्तुति भजन प्राथना,
शंख नाथ भी गूंजे |
मंगल जल दर्शन से गणपति,
तन मन सबका भीजे ||
सब भक्तो का मंगल करदो,
सब भक्तो का मंगल करदो |
मन सबका हरषाओ,
पहले ध्यान श्री गणेश का ||
सब त्यौहार उन्ही से शुभ है,
गणपति का त्योहारा |
मूषक वाहन श्री गणेश का,
ऐसा देव हमारा ||
कीर्तन भजन नारायण करते,
कीर्तन भजन नारायण करते |
उत्सव आज मनाओ,
पहले ध्यान श्री गणेश का ||
पहले ध्यान श्री गणेश का
मोदक भोग लगाओ |
भक्ति मन से करलो भगतो,
गणपति के गुण गाओ ||
गजानंद महाराज पधारो भजन लिरिक्स हिंदी में
गजानंद महाराज पधारो कीर्तन की तैयारी है
आओ आओ बेगा आओ चाव दर्श को भारी है
गजानंद महाराज पधारो
थे आवो जद काम बनेला था पर थारी बाजी है
रनक भवर गड्वाला सुन लो चिंता माहने लागी है
देर करो न तरसाओ चरना अर्ज हमारी है
गजानंद महाराज पधारो
रिधि सीधी संग ले आवो विनायक दो दर्शन थारा भगता ने
भोग लगावा भोग लगावा पुष्प चडावा थारे चरना में
गजानंद थारे हाथा में अब तो लाज हमारी हिया
गजानंद महाराज पधारो
भगता की तो विनती सुन कर शिव सूत प्यारो आयो है
जय जय कार करो गणपति की
आकर मन हरश्याओ है
बरसे लो अमृत भजना में आणि महिमा भारी है
गजानंद महाराज पधारो