Roza Sehri Iftar Time Today 26 February 2026: Ramadan 2026 का आज 8वां रोजा है। ऐसे में लखनऊ, आगरा, मेरठ और बरेली में आज का सेहरी और इफ्तार टाइम जानें। साथ ही  जानें शिया-सुन्नी टाइमिंग में कितना अंतर है और सही समय क्या है।

26 February 2026 Roza Iftar Timings:: रमजान 2026 का पाक महीना चल रहा है और आज 26 फरवरी को 8वां रोजा है। लखनऊ, आगरा, मेरठ और बरेली में भी रोजेदार पूरे जोश और अकीदत के साथ इबादत में लगे हुए हैं। इस महीने में हर रोज सुबह सेहरी के साथ रोजा शुरू होता है और शाम को मगरीब की अजान पर इफ्तार किया जाता है। ऐसे में सही समय की जानकारी होना बेहद जरूरी है, क्योंकि हर शहर में सूर्योदय और सूर्यास्त का वक्त अलग होता है। अगर आप लखनऊ, आगरा, मेरठ या बरेली में हैं और Ramadan 2026 Sehri Iftar Time जानना चाहते हैं हैं, तो यहां देखें 26 और 27 फरवरी 2026 का सेहरी और इफ्तार का सही समय।

Sehri & Iftar Timings: लखनऊ में सेहरी और इफ्तार का सही समय 26 फरवरी

  • लखनऊ में आज सेहरी का समय: सुबह 05:16 बजे
  • लखनऊ में आज इफ्तार का समय: शाम 6:05 बजे

लखनऊ में सेहरी और इफ्तार का सही समय 27 फरवरी

लखनऊ में सेहरी का समय: सुबह 05:15 बजे

लखनऊ में इफ्तार का समय: शाम 6:06 बजे

आगरा में आज सेहरी और इफ्तार का सही समय 26 फरवरी

  • आगरा में सेहरी का समय: सुबह 05:28 बजे
  • आगरा में इफ्तार का समय: शाम 06:17 बजे

आगरा में सेहरी और इफ्तार का सही समय 27 फरवरी

  • आगरा में सेहरी का समय: सुबह 05:27 बजे
  • आगरा में इफ्तार का समय: शाम 06:17 बजे

मेरठ में आज सेहरी और इफ्तार का समय 26 फरवरी

  • मेरठ में सेहरी का समय: सुबह 05:29 बजे 
  • मेरठ में इफ्तार का समय: शाम 06:17 बजे

मेरठ में आज सेहरी और इफ्तार का समय 27 फरवरी

  • मेरठ में सेहरी का समय: सुबह 05:27 बजे 
  • मेरठ में इफ्तार का समय: शाम 06:18 बजे

बरेली में आज सेहरी और इफ्तार का समय 26 फरवरी

बरेली में सेहरी का समय: सुबह 05:22 बजे 

बरेली में इफ्तार का समय: शाम 06:10 बजे

बरेली में आज सेहरी और इफ्तार का समय 27 फरवरी

बरेली में सेहरी का समय: सुबह 05:21 बजे

बरेली में इफ्तार का समय: शाम 06:11 बजे

ध्यान दें: जाफरिया: सेहरी टाइम: -10 मिनट और इफ्तार टाइम: + 10 मिनट

रोजा सही तरीके से रखने के लिए क्या ध्यान रखें?

रोजेदारों को चाहिए कि वे फज्र की अजान से पहले सहरी का खाना खत्म कर लें, ताकि रोजा समय पर शुरू हो सके। थोड़ी सी भी लापरवाही रोजे के वक्त को प्रभावित कर सकती है, इसलिए रोजाना अपडेटेड टाइम जरूर चेक करें। इफ्तार हमेशा मगरीब की अजान के साथ ही करना चाहिए। कई लोग एहतियात के तौर पर खजूर और पानी से रोजा खोलते हैं, जो सुन्नत भी माना जाता है।

सहरी और इफ्तार का असली महत्व क्या है?

रमजान सिर्फ भूखे-प्यासे रहने का नाम नहीं है। यह महीना खुद पर काबू रखने, सब्र सीखने और अल्लाह की इबादत में दिल लगाने का मौका देता है। सहरी पूरे दिन की ताकत और ऊर्जा देती है। इफ्तार पूरे दिन के सब्र और इबादत का सुकून भरा इनाम होता है। रोजा इंसान को अपने गुस्से और गलत आदतों पर कंट्रोल करना सिखाता है। साथ ही यह एहसास भी कराता है कि जरूरतमंद लोग किस तरह की मुश्किलों से गुजरते हैं। माना जाता है कि रमजान में की गई हर नेक काम का सवाब कई गुना बढ़ा दिया जाता है। यही वजह है कि मुसलमान इस महीने का बेसब्री से इंतजार करते हैं और ज्यादा से ज्यादा इबादत कर अल्लाह की रहमत पाने की कोशिश करते हैं।