Angarak Chaturthi 2025 Date: इस बार 12 अगस्त, मंगलवार को अंगारक चतुर्थी का संयोग बन रहा है। जिन लोगों की कुंडली में मंगल दोष है या मंगल ग्रह अशुभ फल दे रहा है, उन्हें इस दिन खास उपाय करना चाहिए, जिससे मंगल के अशुभ प्रभावों से बचा जा सकता है।

Angarak Chaturthi Ke Upay: पंचांग के अनुसार, 12 अगस्त, मंगलवार को भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी का संयोग बन रहा है। विद्वानों के अनुसार, जिस मंगलवार को चतुर्थी तिथि का संयोग बन रहा है, उसे अंगारक चतुर्थी कहते हैं। अंगारक चतुर्थी के दिन अगर कुछ खास उपाय किए जाएं तो मंगल के अशुभ प्रभाव से बचा जा सकता है। जिन लोगों की कुंडली में मंगल अशुभ स्थिति में है, उन्हें इस दिन आगे बताए उपायों में कोई 1 जरूर करना चाहिए। ये हैं अंगारक चतुर्थी के खास उपाय…

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

1. अंगारक चतुर्थी पर मंगल से संबंधित चीजों का दान करें जैसे- मसूर की दाल, लाल कपड़ा, लाल चंदन, लाल फल, गुड़ और मूंगा रत्न।

ये भी पढ़ें-

Janmashtami 2025: जन्माष्टमी पर कान्हा को चढ़ाएं ये 5 चीजें, घर आएगी सुख-समृद्धि


Bahula Chaturthi 2025: कब है बहुला चतुर्थी, 13 या 14 अगस्त? जानें मंत्र-मुहूर्त


2. अंगारक चतुर्थी के शुभ योग में मंगल से संबंधित मंत्रों का जाप करें। ये है मंगल का सबसे आसान मंत्र- ऊं क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः।

3. हनुमानजी की पूजा करें और सिंदूर से चोला चढ़ाएं। इस उपाय से भी मंगल दोष दूर होता है।

4. अपने आस-पास किसी मंदिर के शिखर पर लाल रंग का झंडा लगाएं।

5. अंगारक चतुर्थी पर अपने घर में मंगल यंत्र की स्थापना करें। इसके पहले इसकी पूजा भी जरूर करें।

6. ज्योतिष शास्त्र में मंगल का रत्न मूंगा बताया गया है। किसी विद्वान से सलाह लेकर अंगारक चतुर्थी पर इसे धारण करें। इससे आपको शुभ फल मिलेंगे।

7. अंगारक चतुर्थी पर हनुमानजी के मंदिर में बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ कम से कम 11 बार करें। इससे भी आपकी परेशानियां दूर हो सकती हैं।

8. मंगल दोष के कारण अगर विवाह में देरी हो रही है तो योग्य विद्वान से सलाह लेकर भात पूजा करवाएं। ये पूजा उज्जैन के मंगलनाथ मंदिर में विशेष रूप से होती है।

9. अंगारक चतुर्थी पर अपनी इच्छा अनुसार जरूरतमंदों को भोजन, कपड़े, बर्तन, अनाज आदि चीजों का दान करें। साथ में कुछ पैसा भी जरूर दें।

10. अगर आप शारीरिक रूप से स्वस्थ हैं तो अंगारक चतुर्थी पर किसी जरूरतमंद को रक्त का दान करें। इससे मंगलदेव बहु जल्दी प्रसन्न होते हैं क्योंकि हमारे शरीर में रक्त का कारक मंगलदेव ही हैं।


Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।