इस बार हनुमान अष्टमी का पर्व 23 दिसंबर, सोमवार को मनाया जाएगा। इस दिन हनुमानजी की विशेष पूजा की जाती है। इस पर्व से जुड़ी कईं मान्यताएं और परंपराएं हैं। ये पर्व मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में बड़े स्तर पर मनाया जाता है। 

Hanuman Ashtami December 2024: हर साल पौष मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को हनुमान अष्टमी का पर्व मनाया जाता है। इस बार ये पर्व 23 दिसंबर, सोमवार को मनाया जाएगा। इस दिन हनुमानजी की पूजा और उपाय करने से विशेष महत्व है। मान्यता है कि ऐसा करने से भक्तों की हर मनोकामना पूरी हो सकती है। हनुमान अष्टमी के मौके पर हम आपको हनुमानजी से जुड़ी कुछ रोचक बातें बता रहे हैं, जैसे हनुमानजी के कितने भाई थे, हनुमानजी को किसने अमरता का वरदान दिया आदि…

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हनुमानजी के कितने भाई थे?

आमतौर पर लोग यही जानते हैं कि हनुमान माता अंजनी के अकेले पुत्र थे, लेकिन ऐसा नहीं है। ब्रह्मांडपुराण के अनुसार, हनुमान के 5 भाई थे, जिनके नाम इस प्रकार हैं- मतिमान, श्रुतिमान, केतुमान, गतिमान और धृतिमान। माता अंजनी के 6 पुत्रों में हनुमानजी सबसे बड़े थे। हनुमानजी के अन्य पांचों भाई विवाहित थे और उनकी संतानें भी थीं।

हनुमानजी को किसने दिया अमरता का वरदान?

हनुमानजी जब माता सीता की खोज करते हुए लंका गए तो वहां उन्हें देखकर देवी सीता बहुत खुश हुई। माता सीता ने हनुमानजी को वरदान मांगने को कहा। लेकिन हनुमानजी को तो किसी तरह के वरदान की आवश्यकता ही नहीं थी, तब देवी सीता ने उन्हें अमरता का वरदान दिया। बाद में जब भगवान श्रीराम अपनी देह त्यागकर वैकुंठ जाने लगे तो उन्होंने भी हनुमानजी को कलयुग के अंत तक पृथ्वी पर रहने को कहा था।

हनुमानजी को किसने दी थी गदा?

धर्म ग्रंथों के अनुसार, बचपन में जब हनुमानजी ने सूर्य को गेंद समझकर मुंह में रख लिया तो इंद्र ने अपने वज्र का प्रहार उन पर कर दिया, जिससे वे बेहोश हो गए। जब वायु देव ने संपूर्ण संसार में हवा का प्रवाह रोक दिया, जिससे सभी परेशान हो गए। तब ब्रह्मदेव ने हनुमानजी को स्वस्थ किया। इसके बाद सभी देवी-देवताओं ने हनुमानजी को कईं तरह के वरदान और शस्त्र दिए। तब कुबेरदेव ने हनुमानजी को अपनी गदा उपहार में दी थी। उस गदा का नाम कौमोदकी था।


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