Diwali 2025: दिवाली बस आने ही वाली है, और हर घर में एक ही सवाल घूम रहा है: "लक्ष्मी और गणेश की मूर्तियां कब खरीदें?" धनतेरस पर या दिवाली की सुबह? आइए जानें उस शुभ मुहूर्त के बारे में जो आपकी किस्मत बदल सकता है...

Lakshmi Ganesh Murti: दिवाली के नज़दीक आते ही बाज़ार में रौनक साफ दिखाई दे रही है। इस साल दिवाली 20 अक्टूबर को है, जबकि धनतेरस 18 अक्टूबर को। लेकिन सवाल यह उठता है कि गणेश और लक्ष्मी की मूर्तियां खरीदने के लिए कौन सा दिन शुभ माना जाता है। क्या इन्हें धनतेरस पर खरीदना चाहिए या दिवाली पर? अगर आप यही सोच रहे हैं, तो एक ज़रूरी बात जान लीजिए।

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किस दिन खरीदनी चाहिए भगवान की मूर्ति?

धार्मिक ग्रंथों और परंपराओं के अनुसार, धनतेरस से दिवाली की अमावस्या तक का समय शुभ माना जाता है। ज्योतिषी आनंद सागर पाठक के अनुसार, धनतेरस पर नई मूर्ति खरीदना शुभ माना जाता है। इसी दिन समुद्र मंथन से देवी लक्ष्मी का जन्म हुआ था। इसलिए इसे समृद्धि की शुरुआत माना जाता है। इसलिए धनतेरस पर मूर्ति खरीदना और दिवाली की शाम तक उसकी पूजा करना सबसे अच्छा माना जाता है। ऐसा करने से घर में धन-संपत्ति आती है और देवी लक्ष्मी का वास हमेशा बना रहता है।

इसके अलावा, ज्योतिषी धनतेरस के दिन शाम के समय गणेश और लक्ष्मी की मूर्तियां खरीदने की सलाह देते हैं, जब शुक्र और बृहस्पति उदय हो रहे होते हैं। यह समय शुभ माना जाता है। इसलिए, यदि आप धनतेरस पर गणेश और लक्ष्मी की मूर्तियां नहीं खरीद पाते हैं, तो आप चतुर्दशी या दिवाली की सुबह इन्हें खरीद सकते हैं। ये समय शुभ माना जाता है, लेकिन अमावस्या के दिन आधी रात के बाद मूर्तियां खरीदना अशुभ माना जाता है। इसलिए, इन दिनों मूर्तियां खरीदने से बचें।

दिवाली पर आपको कौन सी मूर्तियां खरीदनी चाहिए?

  • मिट्टी और धातु से बनी मूर्तियां शुभ मानी जाती हैं।
  • प्लास्टर ऑफ पेरिस या प्लास्टिक की मूर्तियों से बचें।
  • शांत और प्रसन्न चेहरे वाली मूर्तियां खरीदनी चाहिए।
  • लक्ष्मी की मूर्तियां पूर्व या उत्तर दिशा में मुख करके रखनी चाहिए।
  • दक्षिण दिशा में गणेश जी का मुख रखना शुभ माना जाता है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।