Premanand Maharaj: वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज की तबीयत बीते शुक्रवार को अचानक खराब हो गई। इसके बाद उनके शिष्य उन्हें आनन-फानन में तुंरत अस्पताल लेकर गए। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। 

Premanand Maharaj Health Update: श्री हित प्रेमानंद महाराज वृंदावन के प्रसिद्ध संत है। प्रतिदिन उनसे मिलने के लिए हजारों भक्त आते हैं। उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बड़े-बड़े सेलिब्रिटी भी उनसे मिलने आते हैं। पिछले शुक्रवार अचानक प्रेमानंद महाराज की तबीयत खराब हो गई, जिसके चलते उन्हें तुरंत उनके शिष्य नजदीक के रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम अस्पताल लेकर गए। आगे जानिए क्या हुआ था प्रेमानंद महाराज को और अब उनकी सेहत कैसी है…

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

क्या हुआ था प्रेमानंद महाराज को?
प्रेमानंद महाराज के शिष्यों ने बताया कि 12 अप्रैल, शुक्रवार की शाम करीब 7 बजे संध्या आरती करेन के बाद अचानक बाबा के सीने में तेज दर्द उठा। तुरंत ही उन्हें वृंदावन के रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम अस्पताल ले जाया गया। यहां डॉ. अमित कुमार गुप्ता ने बाबा का पूरा चेकअप किया और ईको भी कराया।

अब कैसी है बाबा प्रेमानंद की तबीयत?
मिली जानकारी के अनुसार, जांच के बाद बाबा प्रेमानंद की सभी रिपोर्ट सामान्य आने पर कुछ समय बाद उनको अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। हालांकि प्रेमानंद बाबा अब भी चिकित्सकों की निगरानी में हैं। जैसी ही बाबा की तबीयत खराब होने की खबर फैली, उनके अनुयायी तुरंत आश्रम पहुंचे और बाबा का हाल-चाल जाना। इस बीच मीडिया के लोग भी वहां पहुंचे, लेकिन शिष्यों ने उन्हें आश्रम में प्रवेश करने से रोक दिया। इसी बात को लेकर शिष्य और मीडिया के लोगों के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई।

क्या बीमारी है प्रेमानंद महाराज को?
पिछले लगभग 20 सालों को प्रेमानंद महाराज की दोनों किडनी खराब हैं। उनके आश्रम पर ही डायलेसिस भी होती रहती है। इसके बाद ही बाबा रोज रात को 2 बजे उठकर पैदल भ्रमण करते हैं और श्रीकृष्ण शरणम् से पैदल ही रमणरेती स्थित श्रीहित राधाकेलि कुंज आश्रम पहुंचते हैं। यहां बाबा प्रतिदिन प्रवचन देते हैं।


ये भी पढ़ें-

मां के गर्भ में क्यों तड़पता है शिशु? प्रेग्नेंट महिलाएं जरूर जानें


प्रेमानंद बाबा: मृत शरीर के अंगों का दान करना सही या गलत?


Disclaimer : इस आर्टिकल में जो भी जानकारी दी गई है, वो ज्योतिषियों, पंचांग, धर्म ग्रंथों और मान्यताओं पर आधारित हैं। इन जानकारियों को आप तक पहुंचाने का हम सिर्फ एक माध्यम हैं। यूजर्स से निवेदन है कि वो इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।