Shani Vakri June 2024: ज्योतिषियों के अनुसार, साल में एक बार शनि वक्री होता है यानी उल्टी चाल चलने लगता है। शनि की इस गति के कारण कुछ राशि वालों को अशुभ परिणामों का सामना करना पड़ता है। 

Shani Ke Upay: शनि को ज्योतिष शास्त्र में न्यायाधीश कहा गया है। हर प्राणी को उसके अच्छे-बुरे कर्मों का फल शनिदेव ही देते हैं। शनि जब वक्री होता है यानी उल्टी दिशा में गति करता है तो सभी राशियों पर इसका शुभ-अशुभ प्रभाव पड़ता है। इस बार शनि 30 जून से 16 नवंबर तक वक्री स्थिति में रहेगा। इस दौरान मेष, कर्क और कुंभ राशि वालों पर इसका अशुभ प्रभाव देखने को मिलेगा। आगे जानिए शुभ के अशुभ प्रभाव से बचने के उपाय…

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शनि के मंत्रों का जाप करें
जिन लोगों पर शनि की वक्री स्थिति का अशुभ प्रभाव होगा, वे यदि इस दौरान शनि के मंत्रों का विधि-विधान से जाप करें तो उनकी परेशानियां कुछ कम हो सकती है। ध्यान रखें शनि के मंत्र जाप से पहले किसी योग्य विद्वान की सलाह जरूर लें। शनि के मंत्रों का प्रभाव बहुत जल्दी शुभ फल देता है।

हर शनिवार व्रत-पूजा करें
शनि से संबंधित शुभ फल पाने के लिए हर शनिवार को शनिदेव की पूजा करें और संभव हो तो व्रत भी रखें। इस दिन शनिदेव का अभिषेक सरसों के तेल से करें। नीले फूल चढ़ाएं और उड़द दाल की खिचड़ी का भोग लगाएं। इस तरह व्रत-पूजा से भी शनिदेव प्रसन्न होते हैं।

शनि की चीजों का दान करें
शनिदेव की बुरी नजर से बचने के लिए कुछ चीजों का दान करना बहुत ही शुभ माना गया है, ये सभी चीजें शनिदेव से संबंधित हैं जैसे- काले तिल, तेल, काली दाल, काला कपड़ा, जूते-चप्पल, काला कंबल और छाते। इन सभी चीजों का दान जरूरतमंद लोगों को करना चाहिए।

पशु-पक्षियों की सेवा करें
शनि से संबंधित शुभ फल पाने के लिए प्रतिदिन काली गाय को रोटी या हरा खिलाएं। काले कुत्ते को रोटी खिलाएं। कौए व अन्य पक्षियों के लिए रोज अपने घर की छत पर दाना-पानी रखें। मछलियों के लिए तालाब में आटे की गोलियां बनाकर डालने से भी शनिदेव प्रसन्न होते हैं।


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Disclaimer : इस आर्टिकल में जो भी जानकारी दी गई है, वो ज्योतिषियों, पंचांग, धर्म ग्रंथों और मान्यताओं पर आधारित हैं। इन जानकारियों को आप तक पहुंचाने का हम सिर्फ एक माध्यम हैं। यूजर्स से निवेदन है कि वो इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।