Sharad Purnima 2024: इस बार शरद पूर्णिमा का पर्व एक नहीं नहीं बल्कि 2 दिनों तक मनाया जाएगा। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि पूर्णिमा तिथि 2 दिन तक रहेगी। जानें इन दोनों दिनों में किस दिन क्या करें? 

Sharad Purnima 2024: शरद पूर्णिमा हिंदुओं के प्रमुख त्योहारों में से है। मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात माता लक्ष्मी पृथ्वी पर आती हैं, इसलिए इस रात में देवी लक्ष्मी की पूजा भी की जाती है। इस पर्व से जुड़ी एक मान्यता ये भी है कि इस रात में चंद्रमा की किरणों से अमृत बरसता है। इसलिए लोग रात में चंद्रमा की रोशनी में खीर बनाते हैं और खाते भी हैं। इस बार शरद पूर्णिमा 2 दिन रहेगी, जिसके चलते लोगों के मन में ये कन्फ्यूजन है कि खीर कब बनाएं और व्रत कब करें। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रवीण द्विवेदी से दूर करें अपना कन्फ्यूजन…

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कब से कब कब रहेगी पूर्णिमा तिथि?
पंचांग के अनुसार, आश्विन मास की पूर्णिमा तिथि 16 अक्टूबर, बुधवार की रात 08 बजकर 40 मिनिट से शुरू होगी, जो अगले दिन यानी 17 अक्टूबर, गुरुवार की शाम 04 बजकर 56 मिनिट तक रहेगी। इस तरह ये तिथि 2 दिन तक रहेगी। इसी वजह से लोगों के मन में भ्रम की स्थिति बन रही है।

कब बनाएं खीर और करें देवी लक्ष्मी की पूजा?
उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रवीण द्विवेदी के अनुसार, पूर्णिमा तिथि 16 अक्टूबर, बुधवार की रात लगभग 08 बजकर 40 मिनिट से शुरू होगी, जो पूरी रात रहेगी। मान्यता के अनुसार, पूर्णिमा तिथि की रात को ही चंद्रमा की किरणों से अमृत बरसता है और इसी रात को देवी लक्ष्मी पृथ्वी पर आती है। ये स्थिति 16 अक्टूबर, बुधवार को बन रही है। इसलिए 16 अक्टूबर को ही खीर बनाकर खाने का महत्व रहेगा और रात में देवी लक्ष्मी की पूजा भी की जाएगी।

कब करें व्रत और स्नान दान?
17 अक्टूबर, गुरुवार को आश्विन मास की पूर्णिमा तिथि शाम 04 बजकर 56 मिनिट तक रहेगी। यानी सूर्योदय भी इसी तिथि में होगा। इसलिए इस दिन शरद पूर्णिमा का स्नान-दान करने का महत्व रहेगा और व्रत भी इसी दिन किया जाएगा। वाल्मीकि जयंती का पर्व भी इसी दिन मनाया जाएगा। सत्यनारायण भगवान का व्रत भी इस दिन किया जाएगा।


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इस आर्टिकल में जो भी जानकारी दी गई है, वो ज्योतिषियों, पंचांग, धर्म ग्रंथों और मान्यताओं पर आधारित हैं। इन जानकारियों को आप तक पहुंचाने का हम सिर्फ एक माध्यम हैं। यूजर्स से निवेदन है कि वो इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।