mahabharat interesting facts: महाभारत काल में मेहमानों का स्वागत एक खास ड्रिंक से होता था, जिसे शहद व अन्य चीजों से मिलाकर बनाया जाता था। महाभारत में कईं बार इसका वर्णन मिलता है। 

mahabharat interesting facts: आज के समय में जब भी कोई मेहमान हमारे घर आता है तो हम चाय या कॉफी से उसका स्वागत करते हैं। ये एक भारतीय परंपरा है। मगर क्या आपने सोचा है कि महाभारत काल में जब चाय या कॉफी जैसे वेलकम ड्रिंक नहीं होते थे, उस समय मेहमान का स्वागत कैसे किया जाता था। महर्षि वेदव्यास द्वारा लिखी गई महाभारत में ऐसे ही एक पेय का वर्णन बार-बार आता है जो उस समय की वेलकम ड्रिंक हुआ करती थी। बहुत कम लोग उस ड्रिंक का नाम जानते हैं। आगे जानिए महाभारत काल की उस वेलकम ड्रिंक के बारे में…

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इस खास ड्रिंक से होता था स्वागत

महर्षि वेदव्यास द्वारा लिखी गई महाभारत में कईं बार मधुपर्क नाम के पेय का वर्णन मिलता है। महाभारत के अनेक प्रसंगों में मेहमानों का स्वागत करते समय मधुपर्क पिलाने के बारे में लिखा गया है। यानी महाभारत काल में मधुपर्क नाम का पेय एक तरह का वेलकम ड्रिंक हुआ करता था जो घर आने वाले खास मेहमानों का परोसा जाता था।

क्या है मधुपर्क?

जैसा कि नाम से ही पता चलता है कि मधुपर्क में शहद का उपयोग मुख्य रूप से किया जाता था क्योंकि शहद का ही एक नाम मधु है। इसके अलावा मधुपर्क में दूध, दही आदि चीजों का भी उपयोग किया जाता था। इन सभी चीजों को मिलाकर एक मीठा औल शीतल पेय तैयार किया जाता था जो न सिर्फ स्वादिष्ट होता था बल्कि सेहत के लिए भी बहुत गुणकारी होता था।

कैसे बनता है मधुपर्क?

महाभारत काल में मधुपर्क बनाने की एक खास विधि होती थी। वर्तमान में भी दूध, दही, शहद, घी की एक निश्चित मात्रा लेकर मधुपर्क बनाया जाता है। मधुपर्क बनाने के लिए 1 लीटर दूध और दही समान मात्रा मे लेने क बाद इसमें 500 ग्राम शहद और उसका आधा 250 ml गाय के शुद्ध घी का उपयोग किया जाता है। इन सभी को मिलाकर मधुपर्क बनाते हैं जो बहुत ही गुणकारी होता है।


Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो ज्योतिषियों द्वारा बताई गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।