WTC Final 2025: साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खेला जा रहा है। मैच के तीसरे दिन दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने अपनी बाहों पर काली पट्टी बांधी। 

SA vs AUS WTC Final 2025: वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025 का फाइनल मुकाबला साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर खेला जा रहा है। मैच के तीसरे दिन दोनों टीमों के खिलाड़ियों को बाहों पर काली पट्टी बांधे हुए देखा गया। सभी खिलाड़ियों ने अपनी एक बाजू पर पट्टी लगा रखी थी और मैदान पर खेलने आए। दरअसल, उन्होंने ऐसा इसलिए किया, क्योंकि बीते 12 जून को अहमदाबाद में एयर इंडिया का विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस दौरान 12 क्रू मेंबर्स सहित कुल 241 लोगों की जान चली गई थी। एयर इंडिया की बोइंग 787-8 फ्लाइट गुरुवार को टेकऑफ के तुरंत बाद हादसे का शिकार हो गई। ऐसे में मारे गए लोगों के सम्मान के लिए दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने काली पट्टी पहनी।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

अहमदाबाद विमान दुर्घटना में केवल एक व्यक्ति की बची जान

सरदार बल्लभ भाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से लंदन गेटविक के लिए उड़ान भर रही फ्लाइट में कुल 169 भारतीय नागरिक, 53 ब्रिटिश नागरिक, 7 पुर्तगाली नागरिक और 1 कनाडाई नागरिक यात्रा कर रहे थे। इस दर्दनाक हादसे में एकमात्र व्यक्ति ही जिंदा बच पाया, जिनका नाम विश्वास कुमार रमेश है। वह विमान के भीतर सीट 11-A पर बैठे हुए थे, जो उस हिस्से में स्थित थी जो टकराने के बाद इमारत की ग्राउंड फ्लोर पर आकर रुकी थी। भारत के रहने वाले ब्रिटिश नागरिक विश्वास ने अपनी सीट बेल्ट खोला और विमान से बाहर आने में सफल हो गए। विमान में आग लगने के कारण उनका बायां हाथ झुलस गया। इसका जिक्र खुद उन्होंने किया।

त्रासदी में मारे गए लोगों के सम्मान में पहनी काली पट्टी

साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच चल रहे WTC फाइनल के तीसरे दिन की शुरुआत से पहले कमेंटेटर नासिर हुसैन ने सभी खिलाड़ियों की बाहों में काली पट्टी बांधने के बारे में बताया। उन्होंने बोला कि "सभी खिलाड़ियों ने हाथों पर काली पट्टी बांध रखी है, यह साफ देखा जा सकता है। जब हम यहां इंग्लैंड की कड़कती धूप में क्रिकेट के मजे ले रहे थे, तब हमारा पूरा ध्यान भारत में हुई विमान दुर्घटना पर टिका हुआ था। अहमदाबाद में कल जो दर्दनाक घटना हुई है, उसके बाद हम सभी से यह अनुरोध करते हैं, इस क्षण का मौन रखकर इस त्रासदी लोगों के प्रति अपना सम्मान प्रकट करें।