युवराज सिंह ने अभिषेक शर्मा और शुभमन गिल के करियर को संवारने में अहम भूमिका निभाई। योगराज सिंह ने खुलासा किया कि युवी ने कैसे अभिषेक को अनुशासित किया और गिल को भी सही राह दिखाई।

चंडीगढ़: आईपीएल में सनराइजर्स के धमाकेदार ओपनर अभिषेक शर्मा और गुजरात के कप्तान शुभमन गिल के करियर को आकार देने में पूर्व भारतीय खिलाड़ी युवराज सिंह का अहम योगदान रहा है। अभिषेक ने अपने करियर को बनाने के लिए युवराज के नाम का बार-बार जिक्र किया है। लेकिन युवराज के पिता और पूर्व भारतीय क्रिकेटर योगराज सिंह ने खुलासा किया है कि युवराज ने अभिषेक और गिल के करियर को आकार देने में कैसे मदद की।

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योगराज सिंह ने क्रिकेट नेक्स्ट को बताया कि युवराज ने पंजाब के विभिन्न आयु वर्ग के टूर्नामेंटों में अभिषेक के शानदार प्रदर्शन पर शुरुआत में ही ध्यान दिया था। अभिषेक के प्रदर्शन से प्रभावित होकर युवी ने पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन से उनके आंकड़े मांगे। लेकिन पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन ने अभिषेक को एक गेंदबाज बताया। युवी ने पलटकर पूछा कि जिस खिलाड़ी ने विभिन्न आयु वर्ग में 24 शतक जड़ दिए हैं, उसे गेंदबाज कैसे माना जा सकता है।

युवी ने मुझे अभिषेक के रिकॉर्ड भेजे थे। तब मैंने उससे कहा था कि इस तरह की गलत जानकारी देकर किसी का करियर बर्बाद किया जा सकता है। करियर की शुरुआत में अभिषेक की अनुशासनहीन जीवनशैली को उनके पिता संभाल नहीं पा रहे थे। इसलिए युवराज ने अभिषेक को देर रात की पार्टियों और गर्लफ्रेंड्स से मिलने से मना किया।

देर रात की पार्टियां…गर्लफ्रेंड्स के साथ घूमना। युवी ने अभिषेक के ऐसे सारे कार्यक्रम बंद करवा दिए। उनके पिता उन्हें कंट्रोल नहीं कर पा रहे थे, इसलिए उन्हें युवराज के हवाले कर दिया गया। योगराज ने बताया कि रात को युवी उस पर चिल्लाते थे कि 'तुम कहां हो?'। रात 9 बजे होते ही उसे सोने के लिए कहते थे। सुबह 5 बजे उठने के लिए कहते थे।

योगराज ने आगे कहा कि युवराज ने शुभमन गिल को भी इसी तरह संभाला। अगर युवराज नहीं होते तो देश को अभिषेक शर्मा जैसा टैलेंटेड खिलाड़ी गंवाना पड़ता। फिर क्या हुआ? जब एक हीरा दूसरे हीरे के हाथ में आता है तो क्या होता है? वो कोहिनूर बन जाता है, अभिषेक शर्मा के साथ भी यही हुआ। अगर ये हीरा गलत हाथों में जाता तो टूट जाता। भारत में कई खिलाड़ी ऐसे ही टूट गए।