अब WFI शैको की सैलरी में और 20 फीसदी की कटौती चाहता है, जो उनकी पहली तय सैलरी की आधी (करीब 3000 डॉलर) हो जाएगी। अगर जॉर्जिया के यह कोच इस प्रस्ताव को मानने से इंकार कर देते हैं तो फिर उनकी यह जॉब जाने का खतरा होगा।

स्पोर्ट्स डेस्क । फ्रीस्टाइल कुश्ती में भारतीय महिला कुश्ती टीम के कोच एंड्रयू कुक को अनौपचारिक रूप से हटा दिया गया है। इसके बाद अब भारत के दिग्गज रेसलर बजरंग पूनिया के पर्सनल कोच शैको बेंटिन्डिस की बारी है। शैको बेंटिन्डिस को रेसलिंग फेडरेशनल ऑफ इंडिया (WFI) की नई सूचना के बाद अब यह तय करना है कि भारत की नौकरी को चुनें या फिर अपनी सैलरी को। बता दें शैको बजरंग के पर्सनल कोच होते हुए भी पे-रोल पर हैं। उनकी सैलरी फेडरेशन के मुख्य स्पॉन्सर टाटा मोटर्स से आती है। फेडरेशन के मुताबिक टाटा मोटर्स इस बात से खुश नहीं है कि उन्हें ऑनलाइन क्लास के लिए तीन लाख रुपये प्रतिमाह से ज्यादा का भुगतान किया जा रहा है।

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वर्क फ्रॉम होम कर रहे शैको
शैको का लॉकडाउन से पहले भारतीय रेसलिंग फेडरेशन के साथ करार हुआ था। तब उनकी सैलरी करीब 6000 डॉलर तय की गई थी। मार्च में वह वापस अपने वतन जॉर्जिया लौट गए। क्योंकि, तब भारत में कोविड- 19 के चलते सोनीपत और लखनऊ में आयोजित हो रहे रेसलिंग कैंप को स्थगित कर दिया गया था। लॉकडाउन के पहले दो महीनो में शैको को वर्क फ्रॉम होम सेवा के लिए पूरी सैलरी मिली थी। इसके बाद फेडरेशन ने उनकी सैलरी में 30 फीसदी कटौती की बात कही, जिसे उन्होंने न चाहते हुए भी मान लिया। लेकिन अब WFI चाहता है कि उनकी सैलरी में और कटौती की जरूरत है।

20 फीसद होगी कटौती
अब WFI शैको की सैलरी में और 20 फीसदी की कटौती चाहता है, जो उनकी पहली तय सैलरी की आधी (करीब 3000 डॉलर) हो जाएगी। अगर जॉर्जिया के यह कोच इस प्रस्ताव को मानने से इंकार कर देते हैं तो फिर उनकी यह जॉब जाने का खतरा होगा।