ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले भारत को बड़ा झटका। पदक के दावेदार जूडो खिलाड़ी अरुण कुमार (73 kg) डोपिंग टेस्ट में फेल होने के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। उनके सैंपल में प्रतिबंधित दवाएं पाई गईं।
ग्लास्गो: ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स शुरू होने में बस कुछ ही घंटे बचे हैं और भारत को एक बड़ा झटका लगा है। भारत के जूडो खिलाड़ी अरुण कुमार को डोपिंग टेस्ट में फेल होने के बाद टूर्नामेंट से बाहर कर दिया गया है। अरुण पुरुषों के 73 किलोग्राम वर्ग में भारत की तरफ से खेलने वाले थे। गेम्स शुरू होने से ठीक पहले हुए टेस्ट में उनके सैंपल में प्रतिबंधित दवाएं पाई गईं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
नेशनल एंटी-डोपिंग एजेंसी (NADA) की रिपोर्ट के आधार पर इंटरनेशनल जूडो फेडरेशन ने यह कड़ा फैसला लिया। इसकी जानकारी आयोजकों और इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन को दे दी गई है। इसके साथ ही कॉमनवेल्थ गेम्स के ऑफिशियल एंट्री सिस्टम से अरुण का नाम भी हटा दिया गया है। इंटरनेशनल जूडो फेडरेशन ने पुष्टि की है कि अरुण कुमार ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लेने के योग्य नहीं हैं। गेम्स आयोजन समिति की प्रतिनिधि एलिस एंडरसन ने भी साफ किया है कि इस आधार पर खिलाड़ी को मुकाबलों से पूरी तरह बाहर कर दिया गया है।
अरुण कुमार उन खिलाड़ियों में से एक थे जिनसे भारत को जूडो में मेडल की सबसे ज़्यादा उम्मीद थी। इतने कम समय में उनकी जगह किसी दूसरे खिलाड़ी को भेजना भी मुमकिन नहीं है, जिससे भारत को लगा झटका और भी बड़ा हो गया है। अरुण को अपना पक्ष रखने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। हालांकि, मौजूदा एंटी-डोपिंग नियमों के मुताबिक, वह इन गेम्स में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। जूडो फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मुकेश कुमार ने कहा, “हमें अरुण से बहुत उम्मीदें थीं। जो हुआ वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।”
