भारत में १३ जनवरी से खो-खो विश्व कप का आगाज़! पुरुष टीम की कप्तानी प्रतीक वायकर और महिला टीम की कमान प्रियंका इंगले संभालेंगी। भारत-नेपाल के बीच होगा पहला रोमांचक मुकाबला।

World Cup Kho Kho: भारत में अगले 13 जनवरी से खो-खो विश्व कप होने जा रहा है। मेजबान भारत ने खो-खो वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम का ऐलान कर दिया है। भारतीय पुरुष टीम का कप्तान प्रतीक वायकर को बनाया गया है तो महिला टीम का कप्तान प्रियंका इंगले को बनाया गया है। उद्घाटन मैच में पुरुषों की टीम के बीच है। भारत-नेपाल के बीच पहला मैच होगा। महिला वर्ग का पहला मैच 14 जनवरी को है। भारतीय महिला टीम के मुख्य कोच सुमित भाटिया बनाए गए हैं। जबकि पुरुष टीम के मुख्य कोच अश्विनी कुमार होंगे।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

कब से कब तक होगा वर्ल्ड कप?

वर्ल्ड कप खो-खो इंदिरा गांधी स्टेडियम में 13 जनवरी से 19 जनवरी तक होगा। पहले दिन भारतीय पुरुष टीम नेपाल से भिड़ेगी जबकि महिला टीम 14 जनवरी को दक्षिण कोरिया से भिड़ेगी। भारतीय खो-खो महासंघ के अध्यक्ष सुधांशु मित्तल और खो-खो विश्व कप के सीईओ मेजर जनरल विक्रम देव डोगरा ने पूरे टूर्नामेंट की जानकारी दी।

भारतीय पुरुष टीम

प्रतीक वायकर कप्तान, सचिन भारगो, निखिल बी, सुमन बर्मन, पबनी सबर, सुयश घरघटे, आदित्य गनपुले, आकाश कुमार, अनिकेत पोटे, मेहुल, रामजी कश्यप, गोथम एमके, सुब्रमनी वी, एस.रॉकसन सिंह मुख्य टीम में हैं। अक्षय बांगरे, राजवर्धन पाटिल, विश्वनाथ जनकिरम को रिजर्व रखा गया है।

भारत की महिला टीम

प्रियंका इंगले कप्तान, अश्विनी शिंदे, रेशमा राठौड़, भिलार देवजीभाई, निर्मला भाटी, नीता देवी, चैत्रा बी, सुभाश्री सिंग, मगई माझी, अंशु कुमारी, वैष्णवी बजरंग, नसरीन शेख, मीनू, मोनिका, नाजिया बीबी मुख्य टीम में हैं। संपदा मोरे, रितिका सिलोरिया, प्रियंका भोपी को रिजर्व में रखा गया है।

Scroll to load tweet…

महिला और पुरुष टीम के कप्तानों ने क्या कहा?

भारतीय महिला टीम की कप्तान प्रियंका इंगले ने कहा कि यह पहला विश्व कप है और मुझे महिला टीम की कप्तान चुना गया है। यह वाकई बहुत अच्छा अहसास है। आने वाले सालों में इस देश में खो खो का खेल बढ़ेगा और जूनियर खिलाड़ियों को कड़ी मेहनत करनी चाहिए क्योंकि उन्हें एशियाई या राष्ट्रमंडल खेलों या यहां तक ​​कि ओलंपिक में खेलने के अवसर मिल सकते हैं।

पुरुष टीम के कप्तान प्रतीक ने कहा: मैं पिछले 24 सालों से खो-खो खेल रहा हूं और आखिरकार वह दिन आ गया है जब मैं अपनी टीम की कप्तानी करूंगा। जैसे ही मेरा नाम घोषित हुआ, मेरे रोंगटे खड़े हो गए। मेरे परिवार को इस बात पर गर्व होगा कि आखिरकार मेरी मेहनत रंग लाई।

यह भी पढ़ें:

ISRO का स्पेस डॉकिंग एक्सपेरिमेंट फिर टला, जानें क्या है बड़ी वजह?