Boxing legend Kaur Singh death: भारत के महान मुक्केबाज और ओलंपियन बॉक्सिंग लीजेंड रहे कौर सिंह का 74 साल की उम्र में गुरुवार को हरियाणा के कुरुक्षेत्र में निधन हो गया।

स्पोर्ट्स डेस्क: 1982 में दिल्ली के एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले भारतीय मुक्केबाज कौर सिंह का गुरुवार को कुरुक्षेत्र में 74 साल की उम्र में निधन हो गया। बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से बीमारियों से जूझ रहे थे, उनका इलाज कुरुक्षेत्र के एक अस्पताल में चल रहा था, लेकिन डॉक्टर्स की टीम उन्हें बचा नहीं पाई और गुरुवार को उनका निधन हो गया। उनके निधन के बाद बीएफआई ने ट्वीट किया और लिखा कि बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया ने बॉक्सिंग लीजेंड और पद्मश्री कौर सिंह के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। हमारी संवेदनाएं और उनके परिवार और दोस्तों के लिए प्रार्थना।

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कौन थे कौर सिंह

बता दें कि कौर सिंह का जन्म 27 जनवरी 1980 को पंजाब के मालवा में एक किसान परिवार में हुआ। बचपन में वह किसानी ही किया करते थे। इसके बाद 1971 में वह भारतीय सेना में भर्ती हुए और 1977 में उन्होंने मुक्केबाज करना शुरू किया। वह 2 साल तक हैवीवेट डिवीजन में भारत के नेशनल चैंपियन भी रहे थे। इतना ही नहीं 1983 में वह देश के टॉप मुक्केबाजों में चैंपियन बने थे। उन्होंने 1980 में मुंबई में आयोजित हुई एशियाई चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल और इसके बाद 1982 में एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। उन्होंने दुनिया के महान मुक्केबाज मोहम्मद अली से भी कुश्ती की थी और ऐसा करने वाले वह भारत के एकमात्र मुक्केबाज हैं।

कौर सिंह के नाम अवार्ड और रिकॉर्ड

1982 में एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतने के बाद उन्हें खेल जगत का दूसरा सबसे बड़ा सम्मान अर्जुन पुरस्कार दिया गया। इसके बाद उन्हें पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया। आर्मी में उनकी सेवाओं के लिए 1988 में भारतीय सेना ने भी उन्हें पदक दिया। इतना ही नहीं पंजाब सरकार ने 2023 में कौर सिंह की कहानी को स्कूलों के पाठ्यक्रम में भी शामिल किया। उनके साथ ही हॉकी खिलाड़ी बलबीर सिंह, मिल्खा सिंह और गुरबचन सिंह रंधावा की जीवनी को भी स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल किया गया।

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