बिहार के अररिया जिले में फारबिसगंज रेलवे स्टेशन पर बड़ा हादसा टला। स्टेशन प्रबंधक ने जीवित महिला का डेथ मेमो जारी कर दिया, लेकिन पुलिस के पहुंचने पर महिला जीवित पाई गई। फिलहाल महिला अस्पताल में इलाजरत है।

अररिया। बिहार के अररिया जिले के फारबिसगंज रेलवे स्टेशन पर बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां के स्टेशन प्रबंधक ने गलती से एक जीवित महिला का डेथ मेमो जारी कर दिया। डेथ मेमो लेकर जब पुलिस पोस्टमार्टम के लिए महिला का शव लेने पहुंची, तो महिला को जीवित पाकर सभी हैरान रह गए। महिला रेलवे स्टेशन पर कंबल में लिपटी पड़ी थी और किसी की मदद का इंतजार कर रही थी। यह देख डेथ मेमो जारी करने वाले स्टेशन मैनेजर भी हैरान रह गए। 

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डेथ मेमो लेकर पंचायतनामा भरने पहुंची जीआरपी वालों के उड़ गए होश

जोगबनी जीआरपी थानाध्यक्ष नितेश कुमार ने बताया कि फारबिसगंज स्टेशन प्रबंधक से एक महिला का डेथ मेमो मिला था। पुलिस जब पोस्टमार्टम के लिए महिला का पंचायतनामा भरने के लिए पहुंची, तो महिला ने कहा, साहब! मैं अभी जिंदा हूं। बीमार हूं, किसी की मदद का इंतजार कर रही हूं। उसकी धीमी आवाज सुनकर सब हैरान रह गए। क्योकि जिस महिला का डेथ मेमो जारी किया गया था, वो महिला न केवल जीवित थी, बल्कि धीरे-धीरे बोलने की कोशिश कर रही थी। फिलहाल महिला को स्थानीय अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी स्थिति में सुधार हो रहा है। स्टेशन मास्टर मनोज कुमार झा ने अपनी गलती स्वीकारते हुए कहा कि यह चूक गलत सूचना के कारण हुई।

क्या है रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के अधिकारी?

स्टेशन मैनेजर मनोज कुमार झा ने बताया कि गलतफहमी के चलते ऐसा हो गया। हमारे स्टाफ की ओर से गलत सूचना देने के कारण इतनी बड़ी चूक हो गई। दूसरी तरफ इस घटना के बाद एक बड़ा सवाल ये भी खड़ा हो गया है कि जब ट्रेन के यात्रियों के साथ स्वास्थ्य संबंधित कोई समस्या होगी तो आखिर स्टेशन पर कैसे चिकित्सकों की व्यवस्था होगी, जिससे कि उनकी जान बच सके, क्योंकि ट्रेन में सफर करनेवाले यात्रियों को यह अधिकार प्राप्त है कि किसी भी समस्या के लिए रेल प्रशासन से मदद मांग सकते हैं और रेल प्रशासन की इसकी पूरी जवाब देही भी है।

इलाजरत महिला की हालत में सुधार

यह घटना रेलवे की व्यवस्थाओं पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। ऐसे मामलों में यदि कोई यात्री स्वास्थ्य संकट में हो, तो रेलवे प्रशासन को तत्काल सहायता उपलब्ध करानी चाहिए। इस लापरवाही के बावजूद समय पर महिला का इलाज शुरू हो गया और फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। रेलवे प्रबंधन ने कहा है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।