बिहार का सबसे पुराना जिला पटना या भागलपुर नहीं, बल्कि पूर्णिया है! 255 साल पुराने इस जिले को अंग्रेजों ने बसाया था। इसके इतिहास, संस्कृति और प्रमुख हस्तियों के बारे में जानें।

Bihar Oldest District: जब भी भारत के सबसे पुराने शहरों की बात होती है, तो वाराणसी का नाम सबसे पहले लिया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत का सबसे पुराना जिला कौन सा है? यह जिला न तो पटना है और न ही भागलपुर बल्कि, बिहार और पश्चिम बंगाल की सीमा पर स्थित पूर्णिया भारत का सबसे पुराना जिला है। यह जिला खुशनुमा मौसम के लिए जाना जाता है। इसी वजह से इसे मिनी दार्जिलिंग’ भी कहा जाता है। आइए जानते हैं इस जिले से जुड़ी कुछ रोचक बातें।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

पूर्णिया: 255 साल पुराना जिला, जिसे अंग्रेजों ने बसाया

वैसे भारत में तमाम ऐसे जिले हैं, जो दशकों से अस्तित्व में हैं। पर बिहार का पूर्णिया जिला ही भारत का सबसे पुराना जिला माना जाता है। पूर्णिया जिले की स्थापना 10 फरवरी 1770 को ईस्ट इंडिया कंपनी ने की थी। इसका नाम 'पूर्ण' और 'अरण्य' शब्दों से मिलकर बना है, जिसका अर्थ होता है "पूर्ण जंगल"। 1765 में अंग्रेजों ने इस पर कब्जा किया और इसे बिजनेस और एडमिनिस्ट्रेटिव सेंटर के रूप में डेवलप किया। यह राजधानी पटना से लगभग 300 किलोमीटर दूरी पर है और उत्तर बिहार का एक प्रमुख जिला है। आज भी पूर्णिया की ऐतिहासिक इमारतों पर ब्रिटिश शासन की छाप देखी जा सकती है।

बिहार का चौथा सबसे बड़ा शहर, सेना के कार्यालय भी

पूर्णिया कृषि प्रधान जिला है और यह बिहार का चौथा सबसे बड़ा शहर भी है। यहां के किसान मुख्य रूप से मकई, गेहूं, धान, तंबाकू और सब्जियों की खेती करते हैं। पूर्णिया में भारतीय वायुसेना का बेस, भारतीय सेना की छावनी, सीमा सुरक्षा बल (BSF) का मुख्यालय और सशस्त्र सीमा बल (SSB) का ऑफिस भी है।

पूर्णिया के प्रमुख धार्मिक स्थल

पूर्णिया माता पूरन देवी मंदिर के लिए भी प्रसिद्ध है, जो शहर से मात्र 5 किलोमीटर दूर स्थित है। कहा जाता है कि पूर्णिया का नाम इसी मंदिर से लिया गया है। यह मंदिर भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है और यहां सालभर श्रद्धालु आते हैं। पूर्णिया में रामकृष्ण मिशन एक प्रमुख धार्मिक संस्थान है। यहां दुर्गा पूजा बहुत भव्य रूप से मनाई जाती है।यह स्थान आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी बहुत अहम है।

इन हस्तियों की जन्मभूमि

पूर्णिया भारत की कुछ सबसे प्रतिष्ठित हस्तियों की जन्मभूमि भी है।

राजनीति से लेकर साहित्य तक, कई महान लोग यहां पैदा हुए।

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री भोला पासवान शास्त्री।

बिहार विधानसभा के पूर्व सदस्य अजीत सरकार।

महान हिंदी साहित्यकार फणीश्वरनाथ रेणु।

साहित्यकार सतीनाथ भद्रुरी।

प्रसिद्ध लेखक बालीचंद मुखोपाध्याय।

बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत।

मशहूर टीवी और फिल्म अभिनेता गुरमीत चौधरी।

ये भी पढें-Pappu Yadav: महाकुंभ भगदड़ को लेकर ये क्या बोल गए पप्पू यादव? मच गया बवाल