बिहार के मुजफ्फरपुर में मुस्लिम समुदाय के कारीगर पीढ़ियों से जन्माष्टमी के लिए बांसुरी बनाते आ रहे हैं, जो आपसी सद्भाव और भाईचारे की मिसाल पेश करते हैं।

कृष्ण जन्माष्टमी 2024। आने वाले 2 दिनों में यानी 26 अगस्त 2024 को जन्माष्टमी पर्व है। इससे जुड़ी एक काफी दिलचस्प बात भी है। वो ये है कि बिहार के मुजफ्फरपुर में मुस्लिम समुदाय के लोग बांसुरी बनाते है। जो आपसी प्रेम और सद्भाव का संदेश देता है। इस दौरान लोग भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करते हैं। हर साल ये त्योहार इसलिए मनाया जाता है, क्योंकि इसी दिन कंस के विनाशक और गोपियों के प्रिय श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। बता दें कि प्रभु को बांसुरी से बेहद ही लगाव था। इसलिए बिना इसके कोई भी पूजा अधूरी मानी जाती है।

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मुजफ्फरपुर में स्थित कुढ़नी प्रखंड के बड़ा सुमेरा मुर्गिया चक गांव के दर्जनों मुस्लिम परिवार कई पीढ़ियों से बांसुरी बनाने का काम करते आ रहे हैं। हालांकि, अब ये काम धीरे-धीरे खत्म होता जा रहा है। लेकिन फिर भी इस्लाम धर्म के लोगों को कृष्ण जन्माष्टमी का हमेशा से इंतजार रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हम लोग भगवान कृष्ण के महापर्व जन्मोत्सव जन्माष्टमी का बेसब्री से इंतजार करते रहते है। हम साल भर पूरे परिवार समेत बांसुरी बनाने का काम करते हैं। लेकिन इस दौरान हमारा उत्साह चरम सीमा पर रहता है।

बांसुरी की डिमांड पड़ोसी मुल्कों में भी थी

स्थानीय मुस्लिम समुदाय का कहना है कि आज से 30 साल पहले हमारे हाथों की बनी हुई बांसुरी बांग्लादेश, नेपाल और भूटान तक जाती थी। इस वजह से हमारी अच्छी-खासी कमाई हो जाती थी। लेकिन समय के साथ डिमांड में कमी आ गई, जिससे हमारा धंधा पहले की तरह नहीं रहा है। हालांकि, इसके बावजूद हम अपने पूर्वजों की विरासत को जिंदा रखे हुए है और जन्माष्टमी के दौरान मांग को पूरा करने के लिए जी तोड़ मेहनत करके बांसुरी बनाते हैं। ये एक तरह से हमारे लिए आस्था है, जिसे पूरा करने में हमें खुशी मिलती है।

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