समस्तीपुर की कल्याणपुर सीट BJP उम्मीदवार सचिंद्र प्रसाद सिंह जीत गए हैं। उन्हें 80317 से ज्यादा वोट मिले। 2020 में RJD ने BJP को 1% से भी कम के अंतर से हराया था। यह सीट ग्रामीण और 21% दलित आबादी वाली है, जहां जातीय समीकरण चुनाव परिणाम तय करते हैं।

Kalyanpur Assembly Election 2025: कल्याणपुर विधानसभा सीट (Kalyanpur Vidhan Sabha Seat) समस्तीपुर जिले में आती है और समस्तीपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। कल्याणपुर (समस्तीपुर) विधानसभा सीट 2025 पर भारतीय जनता पार्टी के सचिंद्र प्रसाद सिंह जीत गए हैं। उन्हें 80317 से ज्यादा वोट मिले हैं। उन्होंने 13512 से ज्यादा वोटों से राष्ट्रीय जनता दल के उम्मीदवार मनोज कुमार यादव को हराया। यहां की कुल आबादी 4.43 लाख है, जिसमें से लगभग 99% लोग ग्रामीण इलाके में रहते हैं। अनुसूचित जाति की हिस्सेदारी करीब 21% है, इसलिए यह सीट हमेशा से दलित और पिछड़े वर्ग के समीकरण पर निर्भर रही है।

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2010 में जदयू की धमाकेदार जीत कैसे हुई?

2010 के चुनाव में जदयू की रजिया खातून ने राजद के मनोज यादव को करारी शिकस्त दी। रजिया ने 41,163 वोट पाकर जीत दर्ज की, जबकि मनोज यादव को 25,761 वोट मिले। लगभग 15,402 वोटों के अंतर से हुई यह जीत दिखाती है कि उस समय जदयू और नीतीश कुमार की लहर मजबूत थी।

2015 में बीजेपी ने कैसे बनाया दबदबा?

2015 में बीजेपी उम्मीदवार सचिंद्र प्रसाद सिंह ने रजिया खातून (जदयू) को हराया। सचिंद्र ने 50,060 वोट पाए और करीब 11,488 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। जदयू को 38,572 वोट मिले जबकि सपा के मनोज यादव को भी 26,430 वोट हासिल हुए। यह चुनाव साफ दिखाता है कि त्रिकोणीय मुकाबले में बीजेपी को फायदा हुआ।

2020 में राजद ने क्यों पलटा खेल?

2020 के चुनाव में मुकाबला बीजेपी और राजद के बीच सीधा हुआ। इस बार राजद के मनोज यादव ने जोरदार वापसी करते हुए 72,819 वोट हासिल किए। वहीं बीजेपी के सचिंद्र सिंह 71,626 वोटों के साथ मामूली अंतर से हार गए। राजद को 45.35% और बीजेपी को 44.61% वोट मिले। यानी 1% से भी कम का फासला इस चुनाव को रोमांचक बना गया।

नोट: मनोज कुमार यादव पर दो आपराधिक केस रजिस्टर्ड हैं। उनके पास करीब दो करोड़ 18 लाख की चल अचल संपत्ति है और उन पर 16 लाख से ज्यादा का कर्जा है।