लालगंज विधानसभा चुनाव 2025: लालगंज सीट पर BJP ने जोरदार जीत दर्ज की। संजय कुमार सिंह ने 1,27,650 वोट पाकर RJD की शिवानी शुक्ला को 32,167 वोटों से हराया। शिवानी को 95,483 वोट मिले, जबकि निर्दलीय धीरेंद्र महतो 4,441 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

Lalganj Assembly Election 2025: लालगंज विधानसभा सीट (Lalganj Assembly Seat) वैशाली जिले की हाजीपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है और यहां सत्ता, बाहुबल और जातीय समीकरणों का दिलचस्प खेल हर बार देखने को मिलता रहा है। लालगंज विधानसभा चुनाव 2025 में भाजपा प्रत्याशी संजय कुमार सिंह ने धमाकेदार जीत दर्ज की है। उन्हें कुल 127650 वोट मिले और उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी आरजेडी उम्मीदवार शिवानी शुक्ला को 32167 वोटों से हराया। शिवानी शुक्ला को 95483 वोट मिले। स्वतंत्र उम्मीदवार धीरेंद्र कुमार महतो 4441 वोट मिले।

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2010: बाहुबली राजनीति का दौर

2010 के चुनाव में जेडीयू (JDU) उम्मीदवार विजय कुमार शुक्ला उर्फ मुन्ना शुक्ला ने जीत दर्ज की। उन्हें कुल 58,210 वोट मिले जबकि निर्दलीय राजकुमार साह को 34,065 वोट मिले। यह चुनाव बाहुबली छवि और राजनीतिक पकड़ का प्रतीक था। हालांकि, उनके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज रहे हैं, लेकिन जनता ने उन्हें तीसरी बार विधायक बनाया।

2015: महागठबंधन का जादू

2015 के चुनाव में राजकुमार साह (LJP) ने विजय कुमार शुक्ला (JDU) को हराकर सीट जीत ली। राजकुमार साह को 80,842 वोट, जबकि मुन्ना शुक्ला को 60,549 वोट मिले। यहां जातीय समीकरण और महागठबंधन (RJD-JDU-INC) की ताकत निर्णायक साबित हुई। जीत का अंतर 20,293 वोट का रहा।

2020: भाजपा की धमाकेदार वापसी

2020 में संजय कुमार सिंह (BJP) ने कांग्रेस उम्मीदवार राकेश कुमार को हराया। संजय सिंह को 70,750 वोट, जबकि राकेश कुमार को 44,451 वोट मिले। अंतर रहा 26,299 वोटों का। वहीं, निर्दलीय उम्मीदवार मुन्ना शुक्ला को सिर्फ 27,460 वोट मिले और वह तीसरे स्थान पर रहे। यह चुनाव दिखाता है कि लालगंज में बाहुबल की जगह अब मुख्यधारा की राजनीति और विकास हावी हो रहा है।

जातीय समीकरण और स्थानीय मुद्दे

लालगंज विधानसभा सीट पर यादव, भूमिहार, कुर्मी और मुस्लिम वोटरों की संख्या काफी प्रभावशाली है। शिक्षा, आजीविका, रोजगार, सड़क और बिजली जैसे मुद्दे यहां के लोगों के लिए अहम हैं। वहीं, उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता, संपत्ति, कर्ज और आपराधिक रिकॉर्ड भी चुनावी फैसले को प्रभावित करते हैं।