पप्पू यादव ने मकर संक्रांति पर बिहार में बड़े सियासी खेल का दावा किया है। लालू-नीतीश को एक दूसरे का पूरक बताते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी नीतीश को खत्म करने की कोशिश में है। कौन किसके घर दही-चूड़ा खाएगा, देखते रहिए।

बिहार न्यूज: मकर संक्रांति आते ही बिहार में सियासी खिचड़ी पकनी शुरू हो गई है। लालू प्रसाद द्वारा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को महागठबंधन में शामिल होने का खुला ऑफर दिए जाने के बाद बिहार की राजनीति में एक बार फिर अटकलों का बाजार गर्म हो गया है। इस बीच पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने दावा किया है कि मकर संक्रांति के दिन बिहार में बड़ा सियासी खेल होने वाला है।

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नीतीश कुमार को महागठबंधन में शामिल होने का ऑफर

दरअसल, नए साल की शुरुआत के साथ ही आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को महागठबंधन में शामिल होने का खुला ऑफर देकर बिहार की राजनीति को गरमा दिया था। राजनीतिक पंडित तरह-तरह की संभावनाएं तलाशने लगे थे, हालांकि जेडीयू और बीजेपी लगातार यह बताने की कोशिश कर रही है कि एनडीए पूरी तरह से एकजुट है और लालू यादव मुंगेरी लाल के हसीन सपने देख रहे हैं। साल की शुरुआत के साथ ही चढ़ा सियासी पारा अभी भी बरकरार है।

बिहार में राजनीतिक बदलाव को लेकर बड़ा दावा

अब पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने बिहार में राजनीतिक बदलाव को लेकर बड़ा दावा किया है। खगड़िया पहुंचे पप्पू यादव ने लालू प्रसाद और नीतीश कुमार को एक दूसरे का पूरक बताते हुए कहा है कि बीजेपी नीतीश कुमार को राजनीतिक तौर पर खत्म करने का जाल बुन रही है। 14 जनवरी को जिस गली में चूड़ा-दही परोसा जाएगा, वहां गुड़ मीठा होगा। लालू और नीतीश एक दूसरे के पूरक हैं। दोनों एक दूसरे की अहमियत को बखूबी समझते हैं।

कौन किसके घर दही-चूड़ा खाने जाता है

पप्पू यादव ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी किसी भी कीमत पर नीतीश कुमार को राजनीतिक तौर पर जिंदा नहीं रहने देगी। बीजेपी अपने सहयोगियों को कभी आगे नहीं बढ़ने देती। एनडीए में चिराग हों या पशुपति पारस, दोनों के साथ क्या किया गया। नीतीश कुमार और लालू यादव अच्छी तरह जानते हैं कि दोनों को एक दूसरे की जरूरत है। चुनाव से पहले एक दूसरे का साथ ही काम आएगा, फिर चुनाव के बाद जो भी होगा। मकर संक्रांति के दिन कौन किसके घर दही-चूड़ा खाने जाता है, बस देखते रहिए।