छत्तीसगढ़ में महिला उद्यमिता और युवा स्टार्टअप को नई ताकत मिली। CSVTU के कार्यक्रम में 72 महिला SHG को मिलेट हेल्थ कार्ट और 24 स्टार्टअप्स को कुल 50 लाख रुपये की इग्निशन ग्रांट दी गई। जानिए इस पहल से क्या बदलेगा।

छत्तीसगढ़ में मिलेट अब सिर्फ खेत और थाली तक सीमित नहीं रहेगा। इसे ग्रामीण महिलाओं के लिए कमाई और उद्यमिता का जरिया बनाने की कोशिश शुरू हुई है। वहीं तकनीकी शिक्षा हासिल कर रहे युवाओं को अपने आइडिया को कारोबार में बदलने के लिए आर्थिक सहारा दिया जा रहा है। भिलाई इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (BIT), दुर्ग में आयोजित एक कार्यक्रम में इसी दिशा में बड़ा कदम उठाया गया।

छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (CSVTU) भिलाई की ओर से आयोजित ‘महिला सशक्तिकरण, उद्यमिता एवं स्टार्टअप अभिनंदन कार्यक्रम’ में कुलाधिपति एवं राज्यपाल रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान 72 महिला स्व-सहायता समूहों को मिलेट हेल्थ कार्ट और 24 स्टार्टअप्स को कुल 50 लाख रुपये की इग्निशन ग्रांट प्रदान की गई।

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मिलेट से अब बनेगा महिलाओं के लिए कमाई का मॉडल

कार्यक्रम में मिलेट को महिला उद्यमिता से जोड़ने पर खास जोर दिया गया। महिला स्व-सहायता समूहों को हेल्थ कार्ट देने के साथ उन्हें उत्पाद निर्माण, FSSAI मानकों, गुणवत्ता नियंत्रण, व्यवसाय प्रबंधन और मार्केटिंग की ट्रेनिंग भी दी जाएगी। राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि जब महिला आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होती है तो उसका असर पूरे परिवार और समुदाय पर पड़ता है। छत्तीसगढ़ की पारंपरिक मिलेट संस्कृति को आधुनिक बाजार से जोड़ना ग्रामीण महिलाओं के लिए आय के नए रास्ते खोल सकता है।

24 स्टार्टअप्स को 50 लाख की इग्निशन ग्रांट

दूसरी बड़ी पहल युवाओं और नवाचार से जुड़ी रही। कार्यक्रम में 24 नवाचार आधारित स्टार्टअप्स को कुल 50 लाख रुपये की इग्निशन ग्रांट दी गई। राज्यपाल ने युवाओं से असफलताओं से घबराने के बजाय उनसे सीखकर आगे बढ़ने की अपील की। उनका कहना था कि उच्च शिक्षा और तकनीकी ज्ञान तभी सार्थक है, जब वह समाज की जरूरतों से जुड़कर रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर पैदा करे।

गांव की महिलाओं से लेकर युवा स्टार्टअप तक

कार्यक्रम का फोकस केवल आर्थिक सहायता देने तक सीमित नहीं रखा गया। पारंपरिक महिला कौशल को तकनीक, ब्रांडिंग और बाजार से जोड़ने तथा युवाओं के नवाचार को उद्यम में बदलने पर जोर दिया गया। CSVTU से जुड़े फोर्टे (Foundation for Rural Technology and Entrepreneurship) को ग्रामीण उद्यमिता, महिला स्वावलंबन और तकनीकी नवाचार के केंद्र के रूप में विकसित करने की उम्मीद जताई गई। ऐसे में इस पहल की असली परीक्षा अब इस बात से होगी कि मिलेट हेल्थ कार्ट कितनी महिलाओं को स्थायी आय देता है और इग्निशन ग्रांट पाने वाले स्टार्टअप कितने मजबूत कारोबार में बदल पाते हैं।

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