धमतरी में ‘समर कैम्प 2026’ की शुरुआत हो गई है। 36 केंद्रों पर 30 दिनों तक बच्चों और युवाओं को फुटबॉल, कबड्डी, योग, कराटे और आत्मरक्षा सहित कई खेलों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। शिविर में व्यक्तित्व विकास और फिटनेस पर भी जोर है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में बच्चों और युवाओं की खेल प्रतिभा को निखारने के लिए “समर कैम्प 2026” की शुरुआत हो गई है। जिला प्रशासन और खेल विभाग के संयुक्त प्रयास से आयोजित यह 30 दिवसीय शिविर 9 मई से 8 जून तक चलेगा। शिविर का उद्देश्य केवल खेल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि बच्चों के ग्रीष्मकालीन अवकाश को रचनात्मक और उपयोगी बनाना भी है।

इस समर कैम्प में बच्चों को खेलों की तकनीकी जानकारी के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास, अनुशासन और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। शिविर के माध्यम से युवाओं को नशामुक्ति और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
30 दिन तक चलेंगे खेल प्रशिक्षण शिविर, जिले में बनाए गए 36 केंद्र
इस वर्ष समर कैम्प का दायरा बढ़ाते हुए धमतरी जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 36 केंद्र बनाए गए हैं। विभिन्न खेल संघों, क्लबों और फ्रीडम फिजिकल ट्रेनिंग संस्थाओं के सहयोग से बच्चों को उनकी रुचि के अनुसार खेल चुनने का अवसर दिया जा रहा है। शिविर में कई प्रकार के खेल शामिल किए गए हैं। मैदानी खेलों में फुटबॉल, कबड्डी, एथलेटिक्स, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल और रग्बी शामिल हैं। वहीं मार्शल आर्ट्स के अंतर्गत कराटे, जूडो, ताइक्वांडो, बॉक्सिंग और कुडो का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके अलावा योग, शतरंज, कुश्ती, तीरंदाजी, स्केटिंग और वेटलिफ्टिंग जैसे पारंपरिक और अन्य खेलों को भी समर कैम्प में शामिल किया गया है।
अनुभवी प्रशिक्षकों की निगरानी में बच्चों को मिल रहा विशेष प्रशिक्षण
समर कैम्प की सबसे बड़ी विशेषता अनुभवी प्रशिक्षकों की मौजूदगी है। प्रशिक्षक बच्चों को खेल की बारीकियां सिखाने के साथ-साथ फिटनेस, टीम भावना, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता जैसे गुण भी विकसित कर रहे हैं। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से खेल प्रतिभाओं की पहचान करना है, ताकि भविष्य में उन्हें खेल अकादमियों और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जा सके।
योग और सेल्फ डिफेंस पर विशेष ध्यान
आज के समय की जरूरतों को देखते हुए शिविर में योग और आत्मरक्षा प्रशिक्षण को विशेष प्राथमिकता दी गई है। बच्चों को सेल्फ डिफेंस के गुर सिखाने के साथ-साथ मानसिक एकाग्रता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। मार्शल आर्ट्स और योग के जरिए बच्चों में आत्मविश्वास और मानसिक मजबूती विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।
कई संस्थाएं दे रही सहयोग, प्रशासन ने दिए जरूरी सुविधाओं के निर्देश
इस बड़े आयोजन में जिले की कई प्रतिष्ठित संस्थाएं भागीदारी निभा रही हैं। इनमें प्रमुख रूप से सेजेस (SAGES) चर्रा, शौर्य क्रीड़ा क्लब कुण्डेल, कला केन्द्र इतवारी बाजार, नगर निगम स्पोर्ट्स एकेडमी तथा जिला वेटलिफ्टिंग, एथलेटिक्स, कुडो और कराटे संघ शामिल हैं। जिला प्रशासन ने सभी केंद्रों में खेल सामग्री और जरूरी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि बच्चों को बेहतर वातावरण में प्रशिक्षण मिल सके।


