छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में सुशासन तिहार 2026 के तहत आयोजित समाधान शिविर में दिव्यांग महिला तुलेश्वरी को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्रदान की गई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार की इस पहल से उन्हें आने-जाने और दैनिक कार्यों में बड़ी राहत मिली।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के नेतृत्व में सुशासन तिहार 2026 के तहत आम लोगों की समस्याओं का तेजी से समाधान किया जा रहा है। गांव-गांव में लगाए जा रहे समाधान शिविर जरूरतमंद लोगों के लिए राहत और सहायता का प्रभावी माध्यम बनते जा रहे हैं। इसी क्रम में सक्ती विकासखंड के ग्राम रगजा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्राम नंदौरकला की दिव्यांग महिला तुलेश्वरी की समस्या का मौके पर ही समाधान किया गया।

Sakti Samadhan Camp: आवेदन मिलते ही दिव्यांग महिला को मिली सहायता
तुलेश्वरी अस्थि बाधित होने के कारण लंबे समय से दैनिक कार्यों और आने-जाने में परेशानी का सामना कर रही थीं। उन्होंने शासन से मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराने के लिए आवेदन दिया था। आवेदन प्राप्त होने के बाद समाज कल्याण विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए समाधान शिविर में ही उन्हें मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई। इससे तुलेश्वरी को बड़ी राहत मिली।
Motorized Tricycle Distribution: जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुआ वितरण
समाधान शिविर में मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल वितरण कार्यक्रम जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित किया गया। इस दौरान जांजगीर-चांपा लोकसभा क्षेत्र की सांसद Kamlesh Jangde, कलेक्टर अमृत विकास तोपनो, पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर और जिला पंचायत सीईओ वासु जैन सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
Vishnu Deo Sai Government: ट्राईसाइकिल मिलने के बाद तुलेश्वरी ने जताई खुशी
मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल मिलने के बाद तुलेश्वरी के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। उन्होंने कहा कि अब उन्हें कहीं आने-जाने के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और वे अपने दैनिक कार्य आसानी से कर सकेंगी। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन का आभार जताते हुए कहा कि शासन की इस पहल से दिव्यांग लोगों को बड़ी मदद मिल रही है।
Sushasan Tihar 2026: जरूरतमंदों तक पहुंच रहा योजनाओं का लाभ
सुशासन तिहार 2026 के जरिए राज्य सरकार जरूरतमंद लोगों तक योजनाओं का लाभ तेजी से पहुंचा रही है। समाधान शिविरों में आम नागरिकों की समस्याओं का मौके पर निराकरण किया जा रहा है। राज्य सरकार की यह पहल संवेदनशील और जनहितैषी प्रशासन का उदाहरण बनती जा रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को सीधे लाभ मिल रहा है।


