मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सहकारिता सम्मेलन में किसानों, वनवासियों और महिला समूहों को सशक्त बनाने पर जोर देते हुए 162 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि जारी की।

रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारिता मंत्रालय का गठन देश के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित हुआ है। यह निर्णय 'सहकार से समृद्धि' के लक्ष्य को जमीन पर उतारने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। डबल इंजन सरकार छत्तीसगढ़ में सहकारिता के जरिए किसानों, वनवासियों, महिला स्व-सहायता समूहों और ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने तथा उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

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मुख्यमंत्री शुक्रवार को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मंडपम में आयोजित राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन एवं सहकारी सप्ताह कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने उत्कृष्ट सहकारी समितियों को सहकार प्रेरणा पुरस्कार प्रदान किए तथा संग्रहण वर्ष 2023 के 7.14 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए 162 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन पारिश्रमिक राशि वितरण का शुभारंभ किया।

सहकारिता से किसानों की आय बढ़ाने का सपना अब साकार हो रहा है

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि उनका बचपन किसान परिवार में बीता है और शुरुआत से ही उनका सहकारिता से गहरा जुड़ाव रहा है। उन्हें हमेशा विश्वास था कि इस क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'सहकार से समृद्धि' का सपना वास्तविकता में बदलता दिखाई दे रहा है।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के पहले कार्यकाल में उन्हें केंद्रीय राज्यमंत्री के रूप में काम करने का अवसर मिला, जहां उन्होंने किसानों के प्रति प्रधानमंत्री की संवेदनशीलता और समर्पण को करीब से देखा। इसी सोच के चलते कृषि मंत्रालय का विस्तार कर उसे कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय का स्वरूप दिया गया ताकि किसानों का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारिता किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का प्रभावी माध्यम बन चुकी है। केंद्र सरकार के मार्गदर्शन में सहकारिता क्षेत्र को नई दिशा मिली है, जिसका सीधा लाभ किसानों और ग्रामीण परिवारों तक पहुंच रहा है।

पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और ग्रामीण उद्यमिता को भी मिल रही नई गति

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार केवल कृषि क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन, वनोपज और ग्रामीण उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में भी सहकारिता को मजबूत बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के सहयोग से प्रदेश में दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। राज्य सरकार पशुपालन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।

किसानों को बिना ब्याज ऋण, 15 लाख से अधिक किसानों को मिला 8 हजार करोड़ रुपये

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पहले किसानों को खेती के लिए 16 से 18 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण लेना पड़ता था, जिससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ जाता था। अब सहकारिता व्यवस्था और किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से किसानों को बिना ब्याज ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष प्रदेश के 15 लाख से अधिक किसानों को 8 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का कृषि ऋण दिया गया है, जिससे खेती के लिए आसान वित्तीय सहायता उपलब्ध हुई है और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।

सहकारिता के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बड़े बदलाव का भरोसा

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व और सुरक्षा बलों के प्रयासों से नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता मिली है, उसी तरह सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी व्यापक परिवर्तन लाया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि सहकारी सप्ताह के दौरान विशेषज्ञों के विचार-विमर्श से प्रदेश में सहकारिता के नए आयाम स्थापित होंगे और इसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा।

दो वर्षों में सहकारिता क्षेत्र में तेजी, 1352 नई सहकारी समितियों का गठन

सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि सहकारिता मंत्रालय के पांच वर्ष पूरे होना पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने बताया कि 29 जून से 6 जुलाई तक सहकारिता सप्ताह के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में छत्तीसगढ़ में सहकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश की कोई भी पंचायत सहकारिता से वंचित न रहे, इसके लिए 1352 नई सहकारी समितियों का गठन किया गया है।

किसानों के लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू, पंजीयन होगा पूरी तरह पारदर्शी

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सहकारिता विभाग के ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ भी किया। उन्होंने कहा कि इस पोर्टल के माध्यम से किसानों का पंजीयन पूरी तरह ऑनलाइन, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से किया जा सकेगा, जिससे प्रक्रियाएं और अधिक आसान होंगी।

प्रदर्शनी में सहकारी संस्थाओं के नवाचारों की सराहना, कई योजनाओं का लाभ वितरित

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न सहकारी संस्थाओं द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी स्टॉलों का अवलोकन किया और किसानों, महिला स्व-सहायता समूहों तथा वनधन समितियों के नवाचारों की सराहना की। उन्होंने हरित क्रांति आदिवासी सहकारी समिति जशपुर, महामाया बहुउद्देशीय सहकारी समिति कोरबा, बिलासा हैंडलूम एम्पोरियम, छत्तीसगढ़ हर्बल्स, राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम, नाफेड, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ, इफको तथा गंगा मैया दुग्ध उत्पादक संघ बालोद सहित कई संस्थाओं के कार्यों की जानकारी ली।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने 5 नई पैक्स समितियों को माइक्रो एटीएम वितरित किए, छत्तीसगढ़ हर्बल्स के पांच नए उत्पादों का लोकार्पण किया, उत्कृष्ट तेंदूपत्ता संग्राहकों को सम्मानित किया, वनधन समितियों की हैंडबुक का विमोचन किया, महिला स्व-सहायता समूहों को लाभांश वितरित किया तथा विभिन्न हितग्राहियों को सामग्री, प्रोत्साहन राशि और केसीसी ऋण भी प्रदान किए। कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि, सहकारी संस्थाओं के पदाधिकारी, अधिकारी, किसान तथा बड़ी संख्या में हितग्राही उपस्थित रहे।