प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) की मदद से बीजापुर के रमेश नाग ने सीमेंट ब्रिक्स उद्योग शुरू किया। अब वे आत्मनिर्भर बनकर स्थानीय लोगों को भी रोजगार दे रहे हैं।

रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में युवाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराने और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संचालित शासकीय योजनाएं लगातार सकारात्मक परिणाम दे रही हैं। इन्हीं योजनाओं में शामिल प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) ने बीजापुर जिले के निवासी रमेश नाग के जीवन को नई दिशा दी है। इस योजना के सहयोग से उन्होंने सीमेंट ब्रिक्स निर्माण इकाई स्थापित कर अपना सफल उद्योग शुरू किया और आज वे न केवल अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी रोजगार का माध्यम बने हैं।

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PMEGP योजना से स्वरोजगार का सपना हुआ साकार

बीजापुर निवासी रमेश नाग लंबे समय से सीमेंट ब्रिक्स निर्माण का व्यवसाय शुरू करना चाहते थे। उनके पास अनुभव और इच्छाशक्ति तो थी, लेकिन पर्याप्त पूंजी नहीं होने के कारण वे अपना उद्योग स्थापित नहीं कर पा रहे थे। आर्थिक संसाधनों की कमी उनके लिए सबसे बड़ी बाधा बनी हुई थी। इसी दौरान उन्होंने जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, बीजापुर से संपर्क किया। यहां अधिकारियों ने उन्हें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) की विस्तृत जानकारी दी और आवेदन प्रक्रिया से लेकर आवश्यक दस्तावेजों तक हर स्तर पर मार्गदर्शन प्रदान किया।

10 लाख रुपये के ऋण और 3.50 लाख के अनुदान से मिली नई शुरुआत

पीएमईजीपी योजना के अंतर्गत यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बीजापुर के सहयोग से रमेश नाग को 10 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया। इसके अलावा उन्हें लगभग 3.50 लाख रुपये की मार्जिन मनी (अनुदान) भी प्राप्त हुई। इस आर्थिक सहायता का उपयोग कर उन्होंने आधुनिक मशीनों से सुसज्जित सीमेंट ब्रिक्स निर्माण इकाई स्थापित की। इससे उनका वर्षों पुराना उद्योग शुरू करने का सपना आखिरकार साकार हो गया।

सीमेंट ब्रिक्स उद्योग से बढ़ी आय, स्थानीय लोगों को भी मिला रोजगार

रमेश नाग की इकाई में वर्तमान समय में गुणवत्तापूर्ण सीमेंट ब्रिक्स का उत्पादन किया जा रहा है। इससे क्षेत्र में निर्माण कार्यों के लिए आवश्यक सामग्री की उपलब्धता बढ़ी है। साथ ही इस उद्योग के माध्यम से स्थानीय युवाओं और श्रमिकों को रोजगार के अवसर भी प्राप्त हुए हैं। व्यवसाय के लगातार विस्तार के कारण उनके परिवार की आर्थिक स्थिति पहले की तुलना में काफी मजबूत हुई है और उनकी आय में भी निरंतर वृद्धि हो रही है।

सरकारी योजना ने आत्मनिर्भर बनने का दिया अवसर

रमेश नाग का कहना है कि यदि उन्हें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) का लाभ नहीं मिलता, तो अपना उद्योग शुरू करना बेहद कठिन होता। सरकारी सहायता मिलने के बाद उन्हें आत्मविश्वास मिला और आज वे सम्मानपूर्वक अपना व्यवसाय संचालित करते हुए अच्छी आमदनी अर्जित कर रहे हैं।

बीजापुर के युवाओं के लिए बनी प्रेरणा की कहानी

रमेश नाग की सफलता यह दर्शाती है कि यदि सरकारी योजनाओं की सही जानकारी समय पर मिले और उनका लाभ लेकर पूरी मेहनत के साथ कार्य किया जाए, तो सीमित संसाधनों में भी बड़ा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। आज उनकी सफलता बीजापुर सहित प्रदेश के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। यह उदाहरण बताता है कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) जैसी योजनाएं युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।