छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अचानक गांव पहुंचे और खाट पर बैठकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। ‘सुशासन तिहार 2026’ के तहत उन्होंने बिजली बिल माफी और त्वरित समाधान के निर्देश देकर लोगों का भरोसा जीता।
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में शनिवार को उस समय ग्रामीण हैरान रह गए, जब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का हेलीकॉप्टर अचानक गांव के पास उतरा। कुछ ही देर में गांव की चौपाल सज गई और मुख्यमंत्री खुद खाट पर बैठकर लोगों की समस्याएं सुनते नजर आए। यह दृश्य केवल प्रशासनिक दौरा नहीं, बल्कि सरकार और गांव के बीच सीधे संवाद की एक अलग तस्वीर बन गया।
‘सुशासन तिहार 2026’ अभियान के तहत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरगुजा जिले के बतौली विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत सिलमा के शांतिपारा पहुंचे। यहां उन्होंने जन चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधे बातचीत की और कई मामलों में मौके पर ही अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए।

खाट पर बैठकर किया संवाद, लोगों ने खुलकर रखीं समस्याएं
मुख्यमंत्री के गांव पहुंचते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण चौपाल में जुट गए। मुख्यमंत्री ने पारंपरिक अंदाज में खाट पर बैठकर लोगों की समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने बिजली, आर्थिक सहायता, योजनाओं के लाभ और स्थानीय समस्याओं से जुड़े आवेदन मुख्यमंत्री के सामने रखे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी आवेदनों का तय समयसीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
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बिजली बिल माफी के लिए भावुक हुआ ग्रामीण
जन चौपाल के दौरान ग्राम सुआरपारा निवासी राजेश शुक्ला ने अपनी आर्थिक परेशानियों का जिक्र किया। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण वह बिजली बिल जमा नहीं कर पा रहे हैं और परिवार कठिन दौर से गुजर रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को बिजली बिल माफी की प्रक्रिया शुरू करने और आवश्यक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के इस फैसले के बाद राजेश शुक्ला भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि लंबे समय से समस्या को लेकर परेशान थे, लेकिन पहली बार किसी ने उनकी बात गंभीरता से सुनी और तुरंत समाधान का भरोसा दिया।
‘सुशासन तिहार’ को बताया बदलाव का अभियान
जन चौपाल को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि ‘सुशासन तिहार 2026’ केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि इस 40 दिवसीय अभियान के तहत अब प्रशासन खुद गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याएं सुनेगा और मौके पर समाधान सुनिश्चित करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले आम लोगों को छोटे-छोटे कामों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब शासन खुद नागरिकों तक पहुंच रहा है।
अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने मौजूद अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि चौपाल में प्राप्त हर आवेदन को गंभीरता से लिया जाए और निर्धारित समय के भीतर उसका निपटारा किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति जानने के लिए जमीनी स्तर पर लगातार निगरानी जरूरी है। इसी उद्देश्य से सरकार सीधे गांवों में पहुंचकर लोगों से फीडबैक ले रही है।
योजनाओं की जमीनी हकीकत भी जानी
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं की स्थिति की जानकारी भी ली। उन्होंने हितग्राहियों से बातचीत कर यह समझने की कोशिश की कि योजनाओं का लाभ वास्तव में लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं। ग्रामीणों ने सड़क, बिजली, पानी और अन्य सुविधाओं से जुड़े मुद्दे भी मुख्यमंत्री के सामने रखे।

कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, लूण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज, महापौर मंजूषा भगत, कलेक्टर अजीत वसंत सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में ग्रामीण भी चौपाल में शामिल हुए।
क्यों चर्चा में है यह दौरा?
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का यह दौरा इसलिए चर्चा में है क्योंकि इसमें प्रशासनिक औपचारिकताओं से ज्यादा सीधा संवाद और त्वरित निर्णय देखने को मिला। गांव में हेलीकॉप्टर उतरने से लेकर खाट पर बैठकर लोगों की समस्याएं सुनने तक, पूरे घटनाक्रम ने ग्रामीणों के बीच अलग संदेश दिया।राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ‘सुशासन तिहार’ जैसे कार्यक्रम सरकार की जमीनी पकड़ मजबूत करने और प्रशासन को सीधे जनता से जोड़ने की कोशिश का हिस्सा हैं। वहीं ग्रामीणों के लिए यह पहल अपनी समस्याएं सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का अवसर बन रही है।
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