कप्तान किरण पिस्दा के शानदार प्रदर्शन से छत्तीसगढ़ महिला फुटबॉल टीम खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के फाइनल में पहुंची। पेनल्टी शूटआउट में जीत दिलाने के साथ उन्होंने गोलकीपिंग भी की। हॉकी टीम भी कांस्य पदक की दौड़ में है।
रायपुर। कप्तान किरण पिस्दा के शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन से प्रेरित होकर छत्तीसगढ़ की महिला फुटबॉल टीम ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के पहले संस्करण के फाइनल में जगह बना ली है। वहीं, राज्य की महिला हॉकी टीम भी कांस्य पदक मुकाबले में पहुंचकर अपनी उम्मीदें बनाए हुए है।
सेमीफाइनल में किरण पिस्दा का दमदार प्रदर्शन, टीम को दिलाई जीत
मंगलवार को स्वामी विवेकानंद कोटा स्टेडियम में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ खेले गए सेमीफाइनल में किरण पिस्दा मैच की सबसे बड़ी स्टार रहीं। उनके शानदार खेल की बदौलत छत्तीसगढ़ ने पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से जीत हासिल की। निर्धारित समय में दोनों टीमों के बीच 2-2 की बराबरी रही, जिसके बाद मुकाबला शूटआउट तक पहुंचा।
पहले गोल, फिर गोलकीपर बनकर दिखाया कमाल
टूर्नामेंट में अब तक करीब 20 गोल कर चुकीं किरण ने इस मैच में भी आक्रामक खेल दिखाया। उन्होंने 18वें मिनट में गोल कर टीम को 2-0 की बढ़त दिलाई। हालांकि, अरुणाचल प्रदेश ने 41वें और 86वें मिनट में गोल कर मैच बराबरी पर ला दिया।
इसके बाद किरण ने कप्तानी का साहस दिखाते हुए गोलकीपर की भूमिका निभाने का फैसला लिया। उन्होंने नियमित गोलकीपर योगिता की जगह खुद गोलपोस्ट संभाला और दो शानदार बचाव किए। साथ ही, उन्होंने खुद एक पेनल्टी गोल भी किया, जिससे टीम को फाइनल में जगह मिली।
टीम की जीत पर किरण पिस्दा का बयान
मैच के बाद किरण ने साई मीडिया से कहा,
मैं हर हाल में अपनी टीम को फाइनल में पहुंचाना चाहती थी। मुझे गोलकीपर के रूप में भी अच्छा प्रदर्शन करने का भरोसा था। पहले भी मैंने इस भूमिका में खेला है। हमारी मेहनत रंग लाई और यह हम सभी के लिए गर्व का पल है।
फाइनल में किससे होगा मुकाबला?
अब फाइनल में छत्तीसगढ़ का सामना झारखंड और गुजरात के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा। गौरतलब है कि ग्रुप स्टेज में छत्तीसगढ़ पहले ही गुजरात को 2-1 से हरा चुका है, जिसमें किरण ने एक गोल किया था।
महिला हॉकी टीम भी कांस्य पदक की दौड़ में
दूसरी ओर, इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में चल रही प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की महिला हॉकी टीम भी पदक की दौड़ में बनी हुई है। टीम 1 अप्रैल को मध्य प्रदेश के खिलाफ कांस्य पदक के मुकाबले में उतरेगी।
सेमीफाइनल हार के बाद भी पदक की उम्मीद कायम
सेमीफाइनल में छत्तीसगढ़ को ओडिशा के खिलाफ 1-5 से हार का सामना करना पड़ा था। लेकिन कप्तान कुजूर अश्विन के नेतृत्व में टीम अब कांस्य पदक जीतने के लिए पूरी तरह तैयार है। हॉकी का फाइनल मुकाबला 1 अप्रैल को झारखंड और ओडिशा के बीच खेला जाएगा।


