दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले आप पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल पर मुसीबत का पहाड़ टूट चुका है। शराब नीति के मामले में ईडी को मुकदमा चलाने की मंजूरी दिल्ली के उपराज्यपाल की तरफ से दे दी गई है।

नई दिल्ली। दिल्ली विधानासभा चुनाव होने में महज थोड़ा ही वक्त बाकी है। ऐसे में आम आदमी पार्टी पूरे जोर-शोर के साथ अपनी पार्टी को जीतने की कोशिश कर रही है। इन सबके बीच पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरिवंद केजरीवाल की मुसीबत बढ़ने से जुड़ी खबर सामने आई है। आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल पर मुकदमा चलाने के लिए प्रवर्तन निदेशालय को मंजूरी मिल गई है। उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने शराब नीति से जुड़े मामले में ईडी को ये मंजूरी दी है।

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ईडी की तरफ से इस बात का दावा खुलकर किया गया है कि आबकारी नीति बनाने और कार्यान्वयन के आधार पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार जैसे अपराध को अंजाम दिया गया है। 17 मई को राउज एवेन्य कोर्ट में दायर अभियोजन शिकायत संख्या 7 में ये मामला दर्ज है। 9 जुलाई को कोर्ट की तरफ से इस शिकायत को लेकर संज्ञान तक लिया गया था। 5 दिसंबर के दिन ईडी की तरफ से अरविंद केजरीवाल पर मुकदमा चलाने को लेकर मंजूरी मांगी गई थी। ऐसे में अरविंद केजरीवाल के सामने इस तरह की मुसीबत आना ठीक नहीं है। ऐसा इसीलिए क्योंकि चुनाव से पहले वो अपनी पार्टी की अच्छी छवि लोगों के बीच उतारने में लगे हुए हैं। 

2022 में ईडी ने लगाए थे ये गंभीर आरोप

वहीं, शुक्रवार के दिन दिल्ली हाई कोर्ट की तरफ से ईडी को अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया द्वारा दायर याचिका पर अपना जवाब देने के लिए अतिरिक्त वक्त दिया गया है। प्रवर्तन निदेशालय ने आबकारी नीति मामले में इस बात का आरोप लगाया था कि इसके अंदर 6 प्रतिशत के बदले निजी संस्थाओं को 12 प्रतिशत मार्जिन के साथ थोक शराब वितरण के अधिकार दिए गए। साथ ही 2022 की शुरुआत में पंजाब और गोवा में चुनाव के रिजल्ट पर असर डालने का भी आरोप लगाया गया था।

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