दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने MCD के नए पदाधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि दिल्ली को 'विकसित' शहर बनाने के लिए सिर्फ साफ-सफाई ही नहीं, बल्कि प्राइमरी शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को भी बेहतर बनाना होगा। सीएम ने पीएम मोदी के विजन का जिक्र करते हुए 'कचरा-मुक्त दिल्ली' को सबसे बड़ी प्राथमिकता बनाने पर जोर दिया।

नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ कहा है कि दिल्ली नगर निगम (MCD) को राजधानी को एक 'विकसित' शहर बनाना है। इसके लिए सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर, साफ-सफाई, कूड़ा मैनेजमेंट और पर्यावरण सुधार ही काफी नहीं है, बल्कि प्राइमरी शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में भी MCD को अहम भूमिका निभानी होगी।

मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, सीएम ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत निगम के सभी पदाधिकारियों को मिलकर कोशिश करनी होगी, ताकि दिल्ली विकास, स्वच्छता और बेहतर नागरिक सुविधाओं के मामले में पूरे देश के लिए एक मिसाल बन सके।

मुख्यमंत्री ने ये बातें शुक्रवार को मुख्यमंत्री जनसेवा सदन में MCD की स्पेशल और एड-हॉक कमेटियों के नवनियुक्त अध्यक्षों और उपाध्यक्षों के साथ एक बैठक में कहीं। इस दौरान उन्होंने निगम के नेताओं को एक बेहतर दिल्ली बनाने का मंत्र भी दिया। निगम से आए प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई मेयर प्रवेश वाही ने की। बैठक में डिप्टी मेयर मोनिका पंत, सदन के नेता जयभगवान यादव और दूसरे पदाधिकारी भी मौजूद थे। बैठक में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने निगम के अधिकारियों के साथ दिल्ली के विकास और जन कल्याण से जुड़े कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने राजधानी को साफ, सुंदर, स्वस्थ और विकसित बनाने के लिए लगातार कोशिशें करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने 'कचरा-मुक्त दिल्ली' के लक्ष्य को निगम की सबसे बड़ी प्राथमिकता बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि राजधानी की सफाई और कूड़ा निपटान व्यवस्था का सीधा संबंध दिल्ली की छवि से है। दिल्ली को एक ऐसी व्यवस्था की ओर बढ़ना होगा, जहां कूड़े का असरदार तरीके से निपटान हो, सार्वजनिक जगहें साफ-सुथरी हों और नागरिकों को एक बेहतर माहौल मिले।

रिलीज के मुताबिक, उन्होंने आगे कहा, "दिल्ली को कचरा-मुक्त बनाने के लिए नगर निगम को असरदार और लगातार कोशिशें करनी होंगी ताकि देश भर में राष्ट्रीय राजधानी की एक अलग और बेहतर छवि बने। एक साफ-सुथरी दिल्ली सिर्फ सफाई का मामला नहीं है, बल्कि यह बेहतर जीवन, स्वस्थ वातावरण और एक विकसित शहर की पहचान भी है।"

पर्यावरण मैनेजमेंट में निगम की अहम भूमिका पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि राजधानी के पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए बॉडी को अपनी जिम्मेदारियां प्रभावी ढंग से निभानी होंगी। मुख्यमंत्री ने निगम के नेताओं से प्राइमरी एजुकेशन के क्षेत्र में बेहतर नतीजे देने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों को अच्छी प्राइमरी शिक्षा देना दिल्ली के भविष्य को मजबूत करने के लिए बेहद जरूरी है। नगर निगम के स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को सुधारने और बच्चों को पढ़ाई का अच्छा माहौल देने के लिए लगातार प्रयास करने होंगे।

उन्होंने स्थानीय स्तर पर जनता को अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की अहमियत पर भी जोर दिया। निगम को मेडिकल और पब्लिक हेल्थ के क्षेत्र में असरदार काम करके दिखाना होगा ताकि उसकी सेवाओं में जनता का भरोसा और मजबूत हो। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि निगम के कामकाज का सीधा असर दिल्ली के नागरिकों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है। इसलिए, शिक्षा, स्वास्थ्य, सफाई, पर्यावरण और बुनियादी सुविधाओं जैसे सभी क्षेत्रों में रिजल्ट देने वाला नजरिया अपनाना जरूरी है।

उन्होंने निगम के अधिकारियों को भरोसा दिलाया कि अब नगर निगम को किसी भी तरह की आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने अधिकारियों से उपलब्ध संसाधनों का पूरा इस्तेमाल करते हुए विकास और जनसेवा के कामों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि अब केंद्र और दिल्ली में 'डबल-इंजन' की सरकार है, जिसका फायदा राजधानी के विकास को मिलना चाहिए। पैसों की चिंता से मुक्त होकर, निगम को पूरी तरह से अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने और विकास परियोजनाओं को लागू करने पर ध्यान देना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने निगम के नेताओं के सामने दिल्ली के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन भी रखा। उन्होंने कहा कि हम सभी को यह पक्का करने के लिए कोशिश करनी चाहिए कि राष्ट्रीय राजधानी सही मायनों में 'विकसित दिल्ली' बनने की ओर बढ़े। इसे हासिल करने के लिए, दिल्ली के विकास से जुड़ी हर संस्था और हर जनप्रतिनिधि को अपनी जिम्मेदारी पूरी गंभीरता और लगन से निभानी होगी।