कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय वेटलिफ्टर ऋषिकांत सिंह ने 60 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल जीता। 121 किलो स्नैच का रिकॉर्ड बनाया, लेकिन गोल्ड से मामूली अंतर से चूक गए।

नई दिल्ली। भारतीय वेटलिफ्टर चानंबम ऋषिकांत सिंह ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के लिए सिल्वर मेडल जीत लिया। रविवार को ग्लासगो में खेले गए पुरुषों के 60 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग मुकाबले में उन्होंने रजत पदक अपने नाम किया। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने भारत की झोली में इन खेलों का पहला सिल्वर मेडल डाला। उनकी जीत के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी समेत कई नेताओं ने उन्हें बधाई दी। भारत के लिए यह कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का दूसरा पदक भी है। इससे पहले पैरा पावरलिफ्टर झांडू कुमार ने कांस्य पदक जीतकर देश का खाता खोला था।

Commonwealth Games 2026: राजनाथ सिंह ने कहा- देश का नाम किया रोशन

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ऋषिकांत सिंह को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके शानदार प्रदर्शन ने पूरे देश को गर्व महसूस कराया है। उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पुरुष 60 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग मुकाबले में सिल्वर मेडल जीतने पर ऋषिकांत सिंह को हार्दिक बधाई। आपने अपने प्रदर्शन से भारत का गौरव बढ़ाया है। भविष्य में भी आप देश के लिए कई और पदक जीतें, यही शुभकामनाएं हैं।

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CM रेखा गुप्ता ने रिकॉर्ड स्नैच की तारीफ, कहा- मेहनत और अनुशासन की जीत

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी ऋषिकांत सिंह को बधाई देते हुए उनके रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्नैच में 121 किलोग्राम वजन उठाकर नया कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड बनाना उनकी प्रतिभा, अनुशासन और लगातार की गई मेहनत का नतीजा है। उन्होंने कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में सिल्वर मेडल जीतने और स्नैच में नया रिकॉर्ड बनाने पर पूरे देश को गर्व है। आने वाले समय में भी वह इसी तरह भारत का नाम रोशन करें।

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पीयूष गोयल और प्रल्हाद जोशी ने भी दी शुभकामनाएं

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि वर्षों की मेहनत, समर्पण और संघर्ष का परिणाम आज पूरे देश ने देखा है। उन्होंने ऋषिकांत सिंह को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। वहीं केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने 121 किलोग्राम के रिकॉर्ड-ब्रेकिंग स्नैच की विशेष रूप से तारीफ की। उन्होंने इसे भारत के लिए गर्व का पल बताते हुए कहा कि ऋषिकांत आने वाले वर्षों में और भी बड़ी सफलताएं हासिल करें।

Weightlifting Result: रिकॉर्ड स्नैच के बावजूद गोल्ड से चूक गए ऋषिकांत

ESPN के अनुसार, ऋषिकांत सिंह ने कुल 264 किलोग्राम वजन उठाया। इसमें 121 किलोग्राम स्नैच और 143 किलोग्राम क्लीन एंड जर्क शामिल रहा। मलेशिया के मोहम्मद अनिक कसदान ने कुल 273 किलोग्राम (121 किलोग्राम स्नैच + 152 किलोग्राम क्लीन एंड जर्क) वजन उठाकर नया कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड बनाया और गोल्ड मेडल अपने नाम किया। वहीं केन्या के जोशुआ म्बोया ने कुल 260 किलोग्राम (115 किलोग्राम स्नैच + 145 किलोग्राम क्लीन एंड जर्क) वजन उठाकर कांस्य पदक हासिल किया।

60 Kg Weightlifting Final: ऐसे आगे बढ़ा पूरा मुकाबला

मुकाबले की शुरुआत में ऋषिकांत सिंह ने 116 किलोग्राम स्नैच सफलतापूर्वक उठाया। इसके बाद उन्होंने 119 किलोग्राम का प्रयास भी पूरा किया। सबकी नजर उनकी तीसरी कोशिश पर थी। इस बार उन्होंने 121 किलोग्राम वजन उठाकर नया कॉमनवेल्थ गेम्स स्नैच रिकॉर्ड बना दिया। यह उनके करियर का पर्सनल बेस्ट प्रदर्शन भी रहा। हालांकि कुछ देर बाद मलेशिया के मोहम्मद अनिक कसदान ने भी 121 किलोग्राम वजन उठा लिया, जिससे स्नैच राउंड के बाद दोनों खिलाड़ी बराबरी पर थे।

Clean and Jerk में बढ़त मिली, लेकिन आखिरी प्रयास में छूटा गोल्ड

क्लीन एंड जर्क राउंड में ऋषिकांत सिंह ने 143 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाया। इसके साथ उनका कुल स्कोर 264 किलोग्राम पहुंच गया और कुछ समय के लिए वह शीर्ष स्थान पर आ गए। इसके बाद कसदान ने पहले 145 किलोग्राम और फिर 149 किलोग्राम वजन उठाकर कुल 270 किलोग्राम का स्कोर बना लिया। इससे भारतीय खिलाड़ी पर दबाव बढ़ गया। गोल्ड जीतने के लिए ऋषिकांत को अपने अंतिम प्रयास में 151 किलोग्राम वजन उठाना था। उन्होंने क्लीन तो पूरा कर लिया, लेकिन जर्क को सफलतापूर्वक लॉक नहीं कर सके। इसी के साथ उनका गोल्ड जीतने का सपना अधूरा रह गया।

दूसरी ओर, कसदान ने अपनी आखिरी कोशिश में 152 किलोग्राम वजन उठाकर कुल 273 किलोग्राम के रिकॉर्ड स्कोर के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। इसके बावजूद ऋषिकांत सिंह का सिल्वर मेडल भारत के लिए बेहद अहम साबित हुआ और उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में देश का पहला सिल्वर जीतकर नया इतिहास रच दिया।