Delhi Assembly: दिल्ली विधानसभा के इतिहास में पहली बार रविवार को सदन का सत्र लगाया जाएगा। यह कोई सामान्य सत्र नहीं, बल्कि एक अभ्यास सत्र होगा। 

Delhi Assembly: दिल्ली विधानसभा के इतिहास में पहली बार रविवार को सदन का सत्र लगाया जाएगा। यह कोई आम सत्र नहीं होगा, बल्कि एक अभ्यास सत्र होगा। इस सत्र का मकसद ई-विधानसभा की तकनीकी तैयारियों को जांचना है। यह सत्र करीब डेढ़ घंटे तक चलेगा, जिसमें सभी विधायक, मुख्यमंत्री और मंत्री हिस्सा लेंगे।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए ट्रायल

विधानसभा अध्यक्ष वीरेंद्र गुप्ता ने बताया कि ई-विधानसभा में लगाई गई तकनीकी व्यवस्थाओं को लेकर पहले कुछ खामियां सामने आई थीं। इन्हीं को दूर करने और 4 अगस्त से शुरू होने वाले सत्र में कोई रुकावट न आए, इसके लिए रविवार को यह अभ्यास सत्र रखा गया है। इस ट्रायल में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, सभी मंत्री और सभी विधायक हिस्सा लेंगे। विधानसभा अध्यक्ष अपनी कुर्सी पर बैठकर पूरे सत्र का संचालन करने का अभ्यास करेंगे।

मुख्यमंत्री समेत कई मंत्री होंगे मौजूद

इस बार विधानसभा में सभी विधायकों की सीटों पर आईपैड लगाए गए हैं, जो फेस रीडिंग सिस्टम से काम करेंगे। यानी हर आईपैड सिर्फ उस विधायक का चेहरा पहचानकर ही खुलेगा, किसी और के द्वारा उपयोग नहीं किया जा सकेगा।

इसके लिए विधानसभा प्रशासन ने 18 तकनीकी विशेषज्ञों की टीम तैयार की है। एक तकनीकी विशेषज्ञ मुख्यमंत्री और मंत्रियों के साथ रहेगा, जबकि बाकी विशेषज्ञ सात-सात विधायकों की अलग-अलग टीमों के साथ जोड़े गए हैं। यदि सत्र के दौरान किसी विधायक को कोई तकनीकी दिक्कत आती है, तो संबंधित विशेषज्ञ तुरंत सहायता पहुंचाएंगे।

सदन के बाहर बैठेंगे तकनीकी टीम के सदस्य

सत्र के दौरान तकनीकी टीम के सदस्य सदन के बाहर गैलरी में बैठेंगे। यदि किसी विधायक को मदद की जरूरत होगी, तो इशारा मिलते ही संबंधित तकनीकी सदस्य उनकी सीट तक जाकर सहायता करेगा। इन सभी विशेषज्ञों को विधानसभा की कार्यप्रणाली और प्रोटोकॉल की ट्रेनिंग पहले ही दी जा चुकी है।

यह भी पढ़ें: वोट चोरी कर मोदी सरकार बनवाने के राहुल गांधी के आरोपों पर चुनाव आयोग ने कहा-बुलाने पर न आते हैं न ही जवाब देते

ई-विधानसभा और सौर ऊर्जा से संचालन का सपना होगा पूरा

विधानसभा अध्यक्ष वीरेंद्र गुप्ता ने बताया कि जब उन्होंने अपना पद संभाला था, तब उन्होंने दो बड़े संकल्प लिए थे। पहला, ई-विधानसभा की शुरुआत करना और दूसरा, विधानसभा को सौर ऊर्जा से चलाना। अब ये दोनों संकल्प रविवार को पूरे होने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह दिन विधानसभा के इतिहास में बहुत खास और यादगार रहेगा।