Hapur murder case: बैंक जाने का कहकर निकली नीलेश कभी घर नहीं लौटी। दो दिन बाद उसका शव हापुड़ की नहर किनारे एक सूटकेस में मिला। जिसने सबसे ज्यादा भरोसा तोड़ा, वही बना उसकी मौत की वजह। कर्ज, शक और खामोश कत्ल की इस कहानी ने सबको दहला दिया।

Delhi girl murder: दिल्ली की 23 वर्षीय युवती नीलेश 28 मई को दोपहर अपने घर से बैंक जाने की बात कहकर निकली थी। उसने अपने पिता से कहा था कि वह एक बजे तक लौट आएगी, लेकिन वह कभी वापस नहीं लौटी। यह उसके परिवार वालों द्वारा उसे आखिरी बार ज़िंदा देखने का लम्हा था।

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गायब होने के बाद छिड़ी तलाश, CCTV और थानों में दौड़

नीलेश के नहीं लौटने पर पिता और तीन भाइयों ने उसे हर जगह तलाशा। उन्होंने मयूर विहार फेज-1 थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई और बैंक के CCTV फुटेज भी खंगाले, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला।

दो दिन बाद सूटकेस में मिला शव, पहचान कर फटी रह गई आंखें

30 मई को यूपी के हापुड़ जिले में सिखेरा क्षेत्र की एक नहर के पास एक सूटकेस में महिला का शव मिला। शव की पहचान उसके पीले सूट और तुलसी की माला से हुई — ये थी दिल्ली की लापता नीलेश। परिवार को खबर मिलते ही मानो उनके पैरों तले ज़मीन खिसक गई।

दुपट्टे से की गई गला घोंटकर हत्या, शरीर पर नहीं थे कोई और निशान

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि नीलेश की गला घोंटकर हत्या की गई थी। शरीर पर किसी अन्य हमले का कोई निशान नहीं मिला, जिससे पुलिस को साफ हुआ कि हत्या बहुत सोच-समझकर और बिना शोर किए की गई।

5.25 लाख रुपये के कर्ज ने ले ली जान, आरोपी है पूर्व प्रेमी

पुलिस जांच में पता चला कि हत्या का आरोपी कोई और नहीं, बल्कि नीलेश का पूर्व प्रेमी सतेंद्र यादव था। नीलेश ने उसे 5.25 लाख रुपये उधार दिए थे और पैसे वापस मांगने पर उसने उसकी जान ले ली।

सबूत छुपाने की प्लानिंग: सूटकेस, कार और रात का सफर

हत्या के बाद सतेंद्र ने नीलेश के शव को सूटकेस में बंद किया और अपनी कार से रात में हापुड़ की नहर के पास ले जाकर फेंक दिया। वही कार उसने नीलेश के पैसों से खरीदी थी। पुलिस ने उसके पास से नीलेश के आधार कार्ड, पासबुक और मोबाइल बरामद किए।

CCTV से मिली गिरफ्तारी की कड़ी, आरोपी ने मानी अपनी गलती

सतेंद्र की कार की नंबर प्लेट CCTV में कैद हो गई, जिससे पुलिस को उसका सुराग मिला। पूछताछ के दौरान उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसका दावा था कि नीलेश उसे धोखा दे रही थी, जिससे वह गुस्से में आकर आपा खो बैठा।

सगाई के बाद बुन रही थी नई ज़िंदगी के सपने, जो कभी पूरे नहीं हुए

नीलेश की एक महीने पहले ही एटा जिले के युवक से सगाई हुई थी। वह अपनी शादी के बाद खुद का ब्यूटी पार्लर खोलने की योजना बना रही थी। मां की मौत के बाद वह अकेले पिता के साथ रहती थी और घर की पूरी ज़िम्मेदारी संभाल रही थी।

4 जून का फ़ोन कॉल: जो ले आया मातम और खामोशी

4 जून को जब हापुड़ पुलिस का फ़ोन आया, तो परिवार को सबसे बुरी आशंका की पुष्टि हो गई। वह लड़की जिसकी शादी की तैयारियाँ चल रही थीं, अब तिरंगे में लिपटी घर लौट रही थी — एक विश्वासघात और बेरहमी की कहानी बनकर।