दिल्ली सरकार ने मेडिकल एजुकेशन विस्तार के तहत 300 MBBS, 103 PG-DNB और 5 फेलोशिप सीटों का प्रस्ताव रखा है। कई सरकारी मेडिकल कॉलेजों में दाखिला बढ़ेगा।

बढ़ती स्वास्थ्य जरूरतों और सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों व विशेषज्ञों की मांग को देखते हुए दिल्ली सरकार मेडिकल एजुकेशन की क्षमता बढ़ाने की तैयारी कर रही है। सरकार ने राजधानी के मेडिकल संस्थानों में 300 नई MBBS सीटें, 103 PG/DNB सीटें और 5 फेलोशिप सीटें जोड़ने का प्रस्ताव तैयार किया है। यह विस्तार चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा और इसका फोकस नए मेडिकल कॉलेजों के साथ मौजूदा संस्थानों की क्षमता बढ़ाने पर भी है।

Delhi Medical Education: नए मेडिकल कॉलेजों में 300 MBBS सीटों का प्रस्ताव

प्रस्ताव के तहत दो निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों में बड़ी संख्या में नई MBBS सीटें शुरू करने की योजना है। द्वारका स्थित इंदिरा गांधी अस्पताल (IGH) से जुड़े मेडिकल कॉलेज और गुरु गोबिंद सिंह अस्पताल से जुड़े मेडिकल कॉलेज में 150-150 MBBS सीटें प्रस्तावित हैं। यानी इन दोनों संस्थानों के शुरू होने के बाद कुल 300 अतिरिक्त undergraduate medical seats उपलब्ध हो सकती हैं।

यह योजना दिल्ली में मेडिकल शिक्षा के विस्तार के लिए ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स के साथ मौजूदा संस्थानों की क्षमता बढ़ाने वाले मॉडल पर आधारित है। सरकार का उद्देश्य केवल मेडिकल कॉलेजों में दाखिला बढ़ाना नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए ज्यादा डॉक्टर और विशेषज्ञ तैयार करना है।

BSA Medical College में MBBS सीटें 125 से बढ़कर 200 करने की तैयारी

मौजूदा मेडिकल कॉलेजों में भी सीटों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव है। डॉ. बीएसए मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में MBBS सीटों को 125 से बढ़ाकर 200 करने की योजना है। इसके अलावा यहां 24 सीटों वाले PG कोर्स शुरू करने का भी प्रस्ताव है। नेशनल मेडिकल कमीशन की उपलब्ध जानकारी के मुताबिक BSA Medical College में फिलहाल 125 MBBS सीटों की अनुमति है। ऐसे में प्रस्तावित बढ़ोतरी होने पर संस्थान की undergraduate capacity में उल्लेखनीय इजाफा होगा।

Delhi PG Medical Seats: MAMC और MAIDS में भी बढ़ेगा दाखिला

मेडिकल एजुकेशन विस्तार का फोकस सिर्फ MBBS तक सीमित नहीं है। सरकार ने Maulana Azad Medical College (MAMC) में PG सीटों को 260 से बढ़ाकर 295 करने का प्रस्ताव रखा है। यानी यहां 35 अतिरिक्त PG सीटें जुड़ सकती हैं। इसी तरह Maulana Azad Institute of Dental Sciences (MAIDS) में PG सीटों की संख्या 22 से बढ़ाकर 42 करने का प्रस्ताव है। MAIDS के BDS intake को भी 50 से बढ़ाकर 70 करने की योजना बताई गई है।

103 नई PG और DNB सीटें, MD-MS पर भी जोर

दिल्ली सरकार के प्रस्ताव में कुल 103 अतिरिक्त PG और DNB सीटें शामिल हैं। इनमें 67 MD/MS सीटें और 36 DNB सीटें प्रस्तावित हैं। ये सीटें राजधानी के अलग-अलग सरकारी मेडिकल संस्थानों और अस्पतालों में जोड़ी जानी हैं। प्रस्ताव के मुताबिक BSA Medical College में 24 MD/MS, MAMC में 35 MD/MS और इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज में 18 DNB सीटें शामिल हैं। इसके अलावा दीप चंद बंधु अस्पताल में 8 DNB, GTB अस्पताल में 2 DNB, UCMS और GTB अस्पताल में 4 MD/MS, गुरु गोबिंद सिंह सरकारी अस्पताल में 2 DNB, संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल में 4 DNB, भगवान महावीर अस्पताल में 2 DNB और दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट में 4 MD सीटें प्रस्तावित हैं।

Fellowship और Super-Specialty Courses पर भी सरकार का फोकस

PG और DNB के अलावा 5 fellowship seats शुरू करने का प्रस्ताव भी है। इनमें 3 सीटें GTB अस्पताल और 2 सीटें दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट के लिए प्रस्तावित हैं। इस तरह PG, DNB और fellowship स्तर पर उन्नत मेडिकल ट्रेनिंग के लिए कुल 108 नई सीटों का प्रस्ताव बनता है।

सरकार आगे DM और MCh जैसे super-specialty programmes के विस्तार और structured post-doctoral fellowship programmes पर भी काम कर रही है। इसका मकसद विशेषज्ञ और super-specialist डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाना है।

Delhi Healthcare: डॉक्टरों और विशेषज्ञों की कमी दूर करने की कोशिश

दिल्ली सरकार के अनुसार, मेडिकल सीटों का यह विस्तार सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और विशेषज्ञों की कमी को दूर करने की व्यापक योजना का हिस्सा है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा है कि मेडिकल एजुकेशन का विस्तार सिर्फ सीटें बढ़ाने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसका लक्ष्य प्रशिक्षित डॉक्टरों, विशेषज्ञों और super-specialists की टिकाऊ workforce तैयार करना है। इस लिहाज से नई MBBS सीटें भविष्य में डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने में मदद कर सकती हैं, जबकि PG, DNB और fellowship programmes विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

National Medical Commission की मंजूरी के बाद आगे बढ़ेगी योजना

फिलहाल यह प्रस्ताव है। इसे लागू करने से पहले National Medical Commission (NMC) और अन्य संबंधित प्राधिकरणों से मंजूरी लेनी होगी। इसलिए सीटों की प्रस्तावित संख्या को मौजूदा समय में अंतिम स्वीकृत सीटों के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो दिल्ली के सरकारी मेडिकल संस्थानों में undergraduate से लेकर postgraduate और advanced medical training तक शिक्षा की क्षमता बढ़ेगी। सरकार इसे राजधानी की बढ़ती healthcare जरूरतों के अनुरूप डॉक्टरों और विशेषज्ञों की उपलब्धता मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मान रही है।