दिल्ली सरकार ने जुलाई को POCSO Awareness Month घोषित किया है। सभी सरकारी और निजी स्कूलों में Good Touch-Bad Touch, बाल सुरक्षा और POCSO कानून पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
दिल्ली सरकार ने बच्चों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए राजधानी के सभी स्कूलों में विशेष जागरूकता अभियान शुरू करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की है कि पूरे जुलाई महीने को 'POCSO Awareness Month' के रूप में मनाया जाएगा। इस दौरान सरकारी और निजी दोनों तरह के स्कूलों में बच्चों, शिक्षकों और स्कूल स्टाफ के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
सरकार का कहना है कि यह अभियान केवल जानकारी देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका उद्देश्य स्कूलों में बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करना और बाल संरक्षण व्यवस्था को और प्रभावी बनाना है।
POCSO अभियान के तहत बच्चों को सिखाया जाएगा Good Touch और Bad Touch
इस अभियान के दौरान सभी स्कूलों में बच्चों को उनकी उम्र के अनुसार Good Touch (अच्छा स्पर्श) और Bad Touch (गलत स्पर्श) के बारे में जानकारी दी जाएगी। बच्चों को बताया जाएगा कि यदि कोई व्यक्ति उनके साथ अनुचित व्यवहार करता है तो उसे कैसे पहचानें, ऐसी स्थिति में क्या करें और बिना डरे किससे मदद लें। सरकार का मानना है कि शुरुआती उम्र से ही सही जानकारी मिलने पर बच्चे खुद को बेहतर तरीके से सुरक्षित रख सकेंगे।
दिल्ली के सभी स्कूलों में लागू होंगे अनिवार्य Child Safety Protocols
दिल्ली सरकार ने सभी स्कूलों में Child Safety Protocols को अनिवार्य बनाने का फैसला किया है। इसके तहत स्कूलों को बच्चों की सुरक्षा से जुड़े स्पष्ट दिशा-निर्देश अपनाने होंगे। स्कूलों को ऐसी व्यवस्था विकसित करनी होगी, जहां कोई भी छात्र या छात्रा बिना किसी डर के अपनी शिकायत दर्ज करा सके। साथ ही शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए जाएंगे।
POCSO Act की जानकारी भी दी जाएगी
अभियान के दौरान छात्रों, शिक्षकों और स्कूल कर्मचारियों को Protection of Children from Sexual Offences (POCSO) Act, 2012 के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी जाएगी। इस कानून का उद्देश्य बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा देना और ऐसे मामलों में त्वरित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना है। विशेषज्ञ बच्चों के अधिकारों, सुरक्षा उपायों और शिकायत प्रक्रिया की भी जानकारी देंगे।
शिक्षकों और स्कूल स्टाफ को भी मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
सरकार केवल छात्रों तक सीमित नहीं रहना चाहती। अभियान के तहत शिक्षकों, प्रिंसिपल और अन्य स्कूल कर्मचारियों को भी प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि वे किसी भी संदिग्ध स्थिति की समय रहते पहचान कर सकें। उन्हें यह भी बताया जाएगा कि यदि किसी बच्चे के साथ दुर्व्यवहार की आशंका हो तो कानून के अनुसार तुरंत क्या कदम उठाने चाहिए।
स्कूलों में मजबूत होगी Internal Reporting System
दिल्ली सरकार ने सभी स्कूलों को अपनी Internal Reporting Mechanism मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। स्कूलों को ऐसी व्यवस्था विकसित करनी होगी जिसमें बच्चों की शिकायतों को गोपनीय रखा जाए, उन पर तुरंत कार्रवाई हो और बच्चों को मानसिक एवं भावनात्मक सहयोग भी उपलब्ध कराया जाए।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर सरकार का बड़ा संदेश
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उनका कहना है कि यह अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि बच्चों के सुरक्षित भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। सरकार का लक्ष्य है कि हर बच्चा अपने अधिकारों को समझे, किसी भी प्रकार के शोषण की पहचान कर सके और आवश्यकता पड़ने पर बिना डर अपनी बात सामने रख सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के जागरूकता अभियान बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने, बाल यौन शोषण की घटनाओं को रोकने और स्कूलों को अधिक सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।


