नई दिल्ली के RML अस्पताल का नया सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक खुलने के लिए लगभग तैयार है। बस आखिरी फायर सेफ्टी क्लीयरेंस का इंतजार है। पहले फेज में सुपर स्पेशियलिटी OPD, मॉडर्न डायलिसिस यूनिट और CT/MRI जैसी सुविधाओं वाला एडवांस्ड रेडियोलॉजी डिपार्टमेंट शुरू किया जाएगा।

अटल बिहारी वाजपेयी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (ABVIMS) और डॉ. राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल के जिस सुपर स्पेशियलिटी (SS) ब्लॉक का लंबे समय से इंतजार हो रहा था, वो अब शुरू होने के लिए तैयार है। अधिकारियों का कहना है कि बिल्डिंग को फायर सेफ्टी की आखिरी मंजूरी मिलते ही पहले फेज की सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी। यह मंजूरी अब अपने अंतिम चरण में है।

मामले से जुड़े सूत्रों ने बताया कि इस अत्याधुनिक सुविधा को चालू करने के लिए सभी बड़ी रेगुलेटरी और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी जरूरतें पूरी हो चुकी हैं, जिससे मरीजों के लिए एडवांस्ड केयर सर्विसेज शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है।

पहले फेज में शुरू होंगी ये सेवाएं

नए सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में सबसे पहले सुपर स्पेशियलिटी आउट पेशेंट डिपार्टमेंट (OPD), एक मॉडर्न डायलिसिस यूनिट और एडवांस्ड रेडियोलॉजी डिपार्टमेंट का काम शुरू होगा। रेडियोलॉजी डिपार्टमेंट में कंप्यूटेड टोमोग्राफी (CT) और मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग (MRI) जैसी मशीनें लगाई गई हैं। इन सेवाओं के शुरू होने से हजारों मरीजों को स्पेशलिस्ट डॉक्टरों से सलाह लेने, किडनी के मरीजों को बेहतर देखभाल और हाई-एंड डायग्नोस्टिक इमेजिंग की सुविधा मिलने की उम्मीद है।

फाइनल क्लीयरेंस जल्द मिलने की उम्मीद

सीनियर अधिकारियों के मुताबिक, फायर सेफ्टी की अनिवार्य मंजूरी की प्रक्रिया अपने आखिरी दौर में है। हालांकि, इस प्रोजेक्ट को 2022 में प्लानिंग और कंस्ट्रक्शन की मंजूरी के स्टेज पर ही फायर क्लीयरेंस मिल गया था, लेकिन नियम के मुताबिक कंस्ट्रक्शन पूरा होने के बाद बिल्डिंग में मरीजों की आवाजाही शुरू करने से पहले एक और क्लीयरेंस की जरूरत होती है।

एक सीनियर अधिकारी ने बताया, "सभी तरह के इंस्पेक्शन और कंप्लायंस चेक पूरे हो चुके हैं। फायर डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने जरूरी साइट विजिट भी कर ली है। इसमें यह भी जांचा गया कि किसी इमरजेंसी की हालत में फायर ब्रिगेड की गाड़ियां बिल्डिंग के चारों ओर आसानी से घूम सकती हैं या नहीं। अब बस फाइनल क्लीयरेंस का इंतजार है, जो जल्द ही मिलने की उम्मीद है।"

अधिकारियों ने यह भी बताया कि एक और बड़ी रुकावट दूर हो गई है। दिल्ली अर्बन आर्ट कमीशन (DUAC) ने पहले पार्किंग की व्यवस्था को लेकर कुछ मुद्दे उठाए थे, जिन्हें अब सुलझा लिया गया है। इससे प्रोजेक्ट को शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है।

चरणों में शुरुआत और बड़ा असर

अस्पताल ने इसे फेज यानी चरणों में शुरू करने की स्ट्रैटजी बनाई है, ताकि बिना किसी रुकावट के मरीजों को इसका फायदा मिलना शुरू हो जाए। पहले फेज में स्पेशलिस्ट OPD सेवाएं शुरू होने से एक्सपर्ट डॉक्टरों से सलाह लेना आसान होगा, वेटिंग टाइम घटेगा और बीमारी का जल्दी पता लगाकर इलाज शुरू किया जा सकेगा। वहीं, डेडिकेटेड डायलिसिस यूनिट से किडनी की गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों का इलाज करने की अस्पताल की क्षमता काफी बढ़ जाएगी। CT और MRI जैसी सुविधाओं से बीमारियों का जल्दी और सटीक पता लगाने में मदद मिलेगी।

एक अन्य सीनियर अधिकारी ने कहा, "अस्पताल ने फेज-वाइज मॉडल अपनाया है ताकि मरीज जल्द से जल्द इस नए इंफ्रास्ट्रक्चर का लाभ उठा सकें। धीरे-धीरे अन्य सुपर स्पेशियलिटी डिपार्टमेंट भी शुरू किए जाएंगे।"

इस नए सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक को एडवांस्ड हेल्थकेयर के एक इंटीग्रेटेड सेंटर के तौर पर विकसित किया गया है। उम्मीद है कि इसके शुरू होने से RML अस्पताल के मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर पर दबाव कम होगा, मरीजों को एक ही छत के नीचे आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी और मल्टी-डिसिप्लिनरी इलाज को बढ़ावा मिलेगा। हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह सुविधा दिल्ली के पब्लिक हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी। पूरी तरह से चालू हो जाने के बाद, यह सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक न केवल दिल्ली बल्कि पड़ोसी राज्यों के मरीजों को भी सस्ती और अच्छी मेडिकल सुविधाएं देगा।

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