दिल्ली-एनसीआर में देर रात हुई बारिश और गरज-चमक से प्रदूषण काफी हद तक साफ हो गया है और एयर क्वालिटी 'संतोषजनक' श्रेणी में पहुंच गई है। 29 अक्टूबर को दिल्ली में बीते 4 साल का अक्टूबर महीने का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया। उधर, मुंबई में सुबह के वक्त धुंध की मोटी परत देखने को मिली।

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में अचानक बदले मौसम ने लोगों को बड़ी राहत दी है। देर रात हुई छिटपुट बारिश और गरज-चमक के साथ आए तूफान ने हवा में जमे प्रदूषण को धो डाला, जिससे एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) सुधरकर 'संतोषजनक' श्रेणी में आ गया। दूसरी तरफ, देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की सुबह धुंधली रही और कई इलाकों में विजिबिलिटी काफी कम दर्ज की गई।

चक्रवात अर्नब के असर और पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के आपस में मिलने की वजह से 29 अक्टूबर को दिल्ली में चार साल का अक्टूबर महीने का सबसे कम तापमान दर्ज हुआ। इस दौरान राजधानी में बारिश, गरज के साथ छींटे और घने बादल छाए रहे।

दिल्ली के मुख्य मौसम केंद्र सफदरजंग में 29 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 25.4°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5.6 डिग्री कम है। अक्टूबर के महीने में दिन के समय इतना कम तापमान पिछले चार सालों में पहली बार देखा गया है। इससे पहले 8 अक्टूबर 2022 को तापमान 23.4°C रिकॉर्ड हुआ था। लगातार बादल छाए रहने के कारण न्यूनतम तापमान बढ़कर 19.2°C पहुंच गया, जो सामान्य से करीब 3.1 डिग्री ज्यादा है।

दिल्ली-एनसीआर के अलग-अलग इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और रात भर बूंदाबांदी हुई। इस दौरान झरोदा कलां इलाके में सबसे ज्यादा 49 मिमी तक बारिश दर्ज की गई। गुरुवार देर रात से शुक्रवार सुबह तक हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन और जामिया मिलिया इस्लामिया समेत दिल्ली के कई प्रमुख इलाकों में अच्छी बारिश हुई। इससे न सिर्फ तापमान गिरा, बल्कि हवा में मौजूद प्रदूषण के कण भी बह गए।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक, लगातार कई दिनों तक 'खराब' श्रेणी में रहने के बाद इंडिया गेट के पास AQI गिरकर 93 पर आ गया, जो अब 'संतोषजनक' (51-100) कैटगरी में है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर में पहले से लगाए गए पूर्वानुमान के मुताबिक ही हल्की से मध्यम बारिश और थंडरस्टॉर्म की गतिविधि हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार 30 अक्टूबर को भी दिल्ली में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे। कुछ इलाकों में बहुत हल्की से हल्की बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने के आसार हैं।

शनिवार 31 अक्टूबर से मौसम में सुधार होने की उम्मीद है। इस दौरान आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और किसी भी तरह की चेतावनी जारी नहीं की गई है। इसके बाद 1 और 2 नवंबर को आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा और मौसम स्थिर बना रहेगा। सभी जिलों के लिए ग्रीन कोड जारी किया गया है।

दिल्ली की साफ हवा के उलट, मुंबई के कुछ हिस्सों में शुक्रवार सुबह विजिबिलिटी में भारी गिरावट देखी गई। वडाला इलाके से आई तस्वीरों में शहर की इमारतों पर धुंध की एक पतली परत छाई नजर आई। मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन के निगरानी केंद्रों ने शहरी प्रदूषण के अलग-अलग स्तर दर्ज किए हैं।

दिल्ली के अलावा मौसम विभाग ने दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के लिए भी अलर्ट जारी किया है, क्योंकि बंगाल की खाड़ी से एक नया वेदर सिस्टम आगे बढ़ रहा है। 2 से 4 नवंबर के बीच तटीय कर्नाटक, केरल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश में ज्यादातर जगहों पर बारिश होने की संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 2 और 3 नवंबर को अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। इसके अलावा तेलंगाना में 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और तूफान आने की भी आशंका जताई गई है।